त्रिशूर, 21 मार्च (भाषा) केरल के त्रिशूर में शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय में नामांकन दाखिल करने के दौरान उस समय नाटकीय माहौल बन गया जब भाजपा और भाकपा के उम्मीदवार इस बात पर बहस करने लगे कि पहले किसे पर्चा जमा करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, जहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेताओं ने कहा कि टोकन प्रणाली के अनुसार उनके उम्मीदवार अलंकोड लीलाकृष्णन को पहले अनुमति दी जानी चाहिए, वहीं भाजपा ने तर्क दिया कि उनकी उम्मीदवार पद्मजा वेणुगोपाल को दोपहर लगभग 12:30 बजे के ‘मुहूर्त’ के भीतर नामांकन पत्र दाखिल करना होगा।
यह घटना यूडीएफ उम्मीदवार राजन पल्लन द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के बाद हुई।
पल्लन को नामांकन दाखिल करने में कुछ समय लगने के कारण, भाजपा द्वारा निर्धारित मुहूर्त नजदीक आ गया और टीवी चैनलों पर दिखाए गए दृश्यों के अनुसार, भाजपा नेताओं ने भाकपा उम्मीदवार से पहले पद्मजा का नामांकन दाखिल करने की मांग की। भाकपा नेताओं ने इसका विरोध किया।
उन्होंने सवाल उठाया कि ‘मुहूर्त’ नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले नियमों को कैसे रद्द कर सकता है।
इसके बाद, भाकपा नेता ने अपने कागजात सौंपे और जल्दी से चले गए, तथा फिर भाजपा उम्मीदवार ने मुहूर्त के दौरान अपना नामांकन दाखिल किया।
केरल में विधानसभा के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होगा।
भाषा
नेत्रपाल देवेंद्र
देवेंद्र