कूनो से निकला चीता केजीपी-3 भरतपुर के बंध बारैठा अभयारण्य पहुंचा, गतिविधियों पर रखी जा रही नजर
कूनो से निकला चीता केजीपी-3 भरतपुर के बंध बारैठा अभयारण्य पहुंचा, गतिविधियों पर रखी जा रही नजर
जयपुर, आठ जून (भाषा) मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से निकला चीता केजीपी-3 अब राजस्थान के भरतपुर जिले के बंध बारैठा वन्यजीव अभयारण्य में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। करीब 200 किलोमीटर का लंबा सफर तय करने के बाद यह चीता लगातार घने जंगलों में विचरण करता हुआ नजर आ रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उपवन संरक्षक (वन्यजीव, भरतपुर) चेतन कुमार बी.वी. ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि चीता काफी समय पहले कूनो राष्ट्रीय उद्यान से बाहर निकल गया था। इसके बाद वह करौली के मंडरायल डांग क्षेत्र में पहुंचा और धौलपुर-करौली बाघ अभयारण्य के कोर क्षेत्र से होते हुए सरमथुरा तक पहुंचा।
उन्होंने बताया कि 30 मई को यह चीता भरतपुर के बंध बारैठा क्षेत्र में पहुंचा था और तब से वहीं विचरण कर रहा है।
उन्होंने कहा कि चीता बंध बारैठा वन्यजीव अभयारण्य के भीतर बंसवाड़ी, मेवला, जमूरा टिमकोली, गाड़ी बाजना और शाहपुर वन खंडों में घूम रहा है। फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ है और प्राकृतिक रूप से अपने क्षेत्र का विस्तार करते हुए यहां तक पहुंचा है। उसकी गतिविधियां लगातार इस क्षेत्र में दर्ज की जा रही हैं।
चेतन कुमार ने बताया कि चीते के गले में लगे सैटेलाइट कॉलर की मदद से कूनो राष्ट्रीय उद्यान की विशेषज्ञ टीम उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। सुरक्षा की दृष्टि से टीम लगभग 20 मीटर की दूरी से उसकी निगरानी कर रही है। इसके अलावा भरतपुर वन विभाग की तीन सदस्यीय टीम भी चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने बताया कि हाल में कैमरों में कैद हुई तस्वीरों में चीता जंगल के रास्तों पर विचरण करता दिखाई दे रहा है।
उपवन संरक्षक ने कहा कि भरतपुर वन विभाग पूरी तरह सतर्क है और कूनो राष्ट्रीय उद्यान की विशेषज्ञ टीम को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चीते की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा वनकर्मियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
भाषा
बाकोलिया रवि कांत

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