कोच्चि-मुजिरिस द्विवार्षिक कला सम्मेलन: सह-संस्थापक बोस कृष्णामाचारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप
कोच्चि-मुजिरिस द्विवार्षिक कला सम्मेलन: सह-संस्थापक बोस कृष्णामाचारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप
नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) केरल के तटीय शहर कोच्चि में विश्वभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने वाले ‘कोच्चि-मुजिरिस द्विवार्षिक कला सम्मेलन’ के सह-संस्थापक बोस कृष्णामाचारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगने से यह कार्यक्रम एक बार फिर विवादों से घिर गया है।
कोच्चि द्विवार्षिक कला सम्मेलन फाउंडेशन के अध्यक्ष वेणु वासुदेवन ने बताया कि यौन उत्पीड़न की शिकायत कृष्णामाचारी के जनवरी में अध्यक्ष पद से इस्तीफे का एक कारण थी।
कृष्णामाचारी ने इन आरोपों को भ्रामक, निराधार और संदर्भ से हटकर पेश किया गया बताया।
प्रसिद्ध समकालीन चित्रकार कृष्णामाचारी ने ‘निजी और पारिवारिक कारणों’ का हवाला देते हुए द्विवार्षिक कला सम्मेलन के अध्यक्ष और कोच्चि द्विवार्षिक कला सम्मेलन फाउंडेशन के न्यासी मंडल के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था।
वेणु ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “फाउंडेशन की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) को कृष्णमाचारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत मिली थी। हालांकि मुझे तारीख का ठीक-ठीक पता नहीं है लेकिन घटना दिसंबर के आखिरी सप्ताह की बताई जा रही है।”
उन्होंने बताया कि शिकायत जनवरी के पहले सप्ताह में प्राप्त हुई थी।
यह पूछने पर कि क्या समिति ने इस मामले में अपनी जांच पूरी कर ली है, तो वेणु ने बताया कि इस बारे में जानकारी देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
उन्होंने बताया, “यह एक वैधानिक समिति है, उसे इस मामले की जांच करनी होगी। यह उनके (कृष्णामाचारी) इस्तीफे के कारणों में से एक है।”
कृष्णामाचारी ने अपने बचाव में कहा कि ‘मनगढ़ंत या बदले हुए ईमेल और संदेश’ ऑनलाइन प्रसारित किए जा रहे हैं और ये ‘दुर्भावनापूर्ण व कानूनी कार्रवाई योग्य’ हैं।
मुंबई के रहने वाले कलाकार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “पिछले कुछ दिनों में फाउंडेशन से मेरे इस्तीफे के संबंध में कुछ मीडिया रिपोर्ट और संदेश सामने आए हैं, जिनमें भ्रामक, असत्यापित और संदर्भ से हटकर लगाए गए आरोपों का जिक्र है।”
उन्होंने कहा, “मैंने इस तरह की झूठी और मानहानिकारक सामग्री बनाने व फैलाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।”
कृष्णामाचारी ने यह भी कहा कि पद छोड़ने का निर्णय ‘स्वतंत्र रूप से और व्यक्तिगत कारणों’ से लिया गया था। उन्होंने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए एक बयान भी जारी किया है।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश

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