ट्रांजसेंडर समुदाय से जुड़े विधेयक पर चर्चा में सांसदों ने रामायण, महाभारत के पात्रों का जिक्र किया

ट्रांजसेंडर समुदाय से जुड़े विधेयक पर चर्चा में सांसदों ने रामायण, महाभारत के पात्रों का जिक्र किया

ट्रांजसेंडर समुदाय से जुड़े विधेयक पर चर्चा में सांसदों ने रामायण, महाभारत के पात्रों का जिक्र किया
Modified Date: March 24, 2026 / 06:49 pm IST
Published Date: March 24, 2026 6:49 pm IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) लोकसभा में मंगलवार को ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े एक विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए विभिन्न सदस्यों ने रामायण की एक कथा के साथ-साथ महाभारत में बृहन्नला के रूप में अर्जुन के पात्र और भगवान विष्णु और मोहिनी की कथा का भी उल्लेख किया।

ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए तेलुगु देशम पार्टी की सांसद डॉ बी शबरी ने कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों से करीब से जुड़ी हैं और शुभ अवसरों पर उनका आशीर्वाद लिया जाता है।

शबरी ने रामायण की एक कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भगवान राम वनवास के लिए जा रहे थे तो उन्होंने अयोध्यावासी पुरुषों और महिलाओं को लौटने को कहा था और जब वह वनवास से लौटे तो कुछ लोग 14 वर्ष बाद भी उनका इंतजार करते हुए मिले।

सांसद के अनुसार जब राम ने उन लोगों से इतने वर्ष तक प्रतीक्षा करने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि भगवान ने पुरुषों और महिलाओं को लौटने का आदेश दिया था और वह इन दोनों ही समुदाय से नहीं आते, इसलिए इतने साल तक इंतजार करते रहे।

सांसद ने कहा कि तब से भगवान राम ने किन्नर समुदाय को सभी को आशीर्वाद देने का वरदान दिया था।

तेदेपा सदस्य ने कहा कि ‘‘हम ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को ‘‘अर्द्धनारीश्वर और बृहन्नला’’ मानते हैं।’’

कांग्रेस के गोवाल पडवी ने भी विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए समुद्र मंथन और भगवान विष्णु के मोहिनी रूप रखने की पौराणिक कथा का उल्लेख किया।

उन्होंने महाभारत में अर्जुन के बृहन्नला रूप में अज्ञातवास में रहने का भी जिक्र किया।

पडवी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा, ‘‘हम सुधार के खिलाफ नहीं, बल्कि हम मजबूत कानून चाहते हैं। इसके लिए ट्रांसजेंडर समुदाय से बातचीत की जाए।’’

भाषा वैभव माधव

माधव


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