मेघालय में विपक्ष के नेता मुकुल संगमा ने गारो हिल्स हिंसा मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की

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मेघालय में विपक्ष के नेता मुकुल संगमा ने गारो हिल्स हिंसा मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की

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  • Publish Date - March 21, 2026 / 09:09 PM IST,
    Updated On - March 21, 2026 / 09:09 PM IST

शिलांग, 21 मार्च (भाषा) मेघालय में विपक्ष के नेता मुकुल संगमा ने शनिवार को राज्य सरकार से गारो हिल्स हिंसा के संबंध में स्वतंत्र जांच आयोग गठित करने का आग्रह किया है।

राज्यपाल सी.एच. विजयशंकर को दी गई याचिका में संगमा ने गारो हिल्स क्षेत्र में ‘गंभीर कानून और व्यवस्था की स्थिति’ का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि तनाव तब बढ़ गया जब गारो समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ नागरिक संगठनों ने गैर-आदिवासियों को गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) चुनाव लड़ने से रोकने की मांग की। इसके साथ ही, परिषद के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी सदस्य द्वारा जारी की गई एक अधिसूचना, और फुलबाड़ी क्षेत्र में एक पूर्व विधायक द्वारा आयोजित बैठक ने आग में घी डालने का काम किया, जिसके कथित तौर पर व्यापक और गंभीर परिणाम हुए।

संगमा ने कहा कि इसके बाद भड़की हिंसा में 10 मार्च को दो लोगों की मौत हो गई और गारो हिल्स के जिलों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

हालांकि, संगमा ने बताया कि पश्चिम गारो हिल्स में चर्च के नेताओं और वरिष्ठ नागरिकों के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य होने लगी है।

उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा कि यह धारणा बढ़ रही है कि उचित सत्यापन के बिना ‘मनमाने और अंधाधुंध’ तरीके से गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा, “ऐसी कार्रवाईयों से अन्याय हो सकता है, अशांति बढ़ने और निर्दोष लोगों के फंसने का खतरा हो सकता है, जबकि असली अपराधियों की पहचान नहीं हो पाएगी।’’

संगमा ने अधिकारियों से आग्रह किया कि गिरफ्तारी से पहले उचित जांच सुनिश्चित की जाए।

विपक्ष के नेता ने जांच आयोग गठित करने की मांग करते हुए कहा कि इसे उन परिस्थितियों की जांच करनी चाहिए, जिनके कारण अधिसूचना जारी की गई। उन्होंने कहा कि साथ ही, आयोग को झड़प के कारणों की पड़ताल करनी चाहिए, हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करनी चाहिए और अधिकारियों द्वारा समय पर हस्तक्षेप न करने जैसी चूक के लिए जवाबदेही तय करनी चाहिए।

भाषा

प्रचेता दिलीप

दिलीप