वाम दलों ने ईरान पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

वाम दलों ने ईरान पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

वाम दलों ने ईरान पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
Modified Date: March 3, 2026 / 05:11 pm IST
Published Date: March 3, 2026 5:11 pm IST

नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) वाम दलों ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले तथा अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार पर इस मुद्दे को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।

वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिन पर हमले के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। उन्होंने लोगों से ‘‘हमले के खिलाफ खड़े होने’’ और ईरानी लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करने का आग्रह किया।

माकपा महासचिव वृंदा करात ने कहा, ‘‘डोनाल्ड ट्रंप की साम्राज्यवादी गुंडागर्दी, ईरान पर हमले को लेकर भारत सरकार की चुप्पी…नरेन्द्र मोदी चुप क्यों हैं?’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू के खून से सने हाथ थाम लिए और कहा कि यह भारत के लोगों की आवाज है… यह कैसे लोगों की आवाज है? आप नरसंहार में मदद करने के लिए इजराइल गए थे?’’

करात का कहना था कि प्रधानमंत्री मोदी को विदेशी संबंधों को राष्ट्रीय संप्रभुता के नजरिए से देखना चाहिए।

भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि भारत के लोग यह युद्ध नहीं चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ईरान के खिलाफ युद्ध पिछले चार दिनों से जारी है। बातचीत चल रही थी, लेकिन अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया। हमने पिछले साल 12 दिनों का युद्ध देखा था और अब यह स्पष्ट है कि यह एक क्षेत्रीय युद्ध होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।’’

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि भारत सरकार युद्ध रोकने और शांति बहाल करने के लिए कदम उठाए… मोदी जी इजराइल में थे; उनके लौटने के बाद युद्ध शुरू हो गया। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि इस युद्ध में भारत की कोई भूमिका न हो।’’

माकपा, भाकपा, भाकपा (माले) लिबरेशन, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

भाषा हक हक नरेश

नरेश


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