शहरी ताप नियंत्रण में स्थानीय निकायों की अहम भूमिका हो सकती है : भाजपा

शहरी ताप नियंत्रण में स्थानीय निकायों की अहम भूमिका हो सकती है : भाजपा

शहरी ताप नियंत्रण में स्थानीय निकायों की अहम भूमिका हो सकती है : भाजपा
Modified Date: March 9, 2026 / 06:08 pm IST
Published Date: March 9, 2026 6:08 pm IST

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य ने तापमान वृद्धि पर चिंता जताते हुए कहा कि शहरी ताप नियंत्रण में स्थानीय निकायों की अहम भूमिका हो सकती है।

भाजपा के बाबूभाई जेसंगभाई देसाई ने विशेष उल्लेख के जरिये तापमान में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शहरी गर्मी के कई दुष्प्रभाव हैं जिससे कार्य क्षमता प्रभावित होती है, बिजली की मांग बढ़ती है और अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने कई अनुकूलन नीतियां बनाई हैं और योजना चला रही है, लेकिन फिर भी शहरी ताप नियंत्रण की जरूरत है और इसमें स्थानीय निकायों की अहम भूमिका हो सकती है।

देसाई ने कहा कि पर्यावरणविदों की राय भी शहरी नियोजन व्यवस्था में कारगर हो सकती है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक ताप सहनशीलता को मजबूत करने के लिए कई उपाय घरेलू स्तर पर भी किए जा सकते हैं जो भले ही छोटे लगें लेकिन उनके दूरगामी परिणाम होंगे।

आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि हवाई यात्रियों की शिकायत रही है कि हवाई अड्डे पर खाने पीने की चीजें महंगी होती हैं।

उन्होंने कहा ‘‘इस शिकायत के बाद सरकार ने उड़ान यात्री कैफे की शुरुआत की जिसमें किफायती दामों पर खाद्य सामग्री मिलती है। लेकिन दिक्कत यह है कि देश में दो सौ से अधिक हवाई अड्डे हैं और उड़ान यात्री कैफे दस या बारह ही हैं। इन कैफे की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि उड़ान यात्री कैफे की जरूरत हवाई अड्डे के प्रस्थान क्षेत्र में होती है जहां यात्रियों को लंबे समय तक रहना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि इन कैफे की व्यवस्था ‘चेक इन’ क्षेत्र और सुरक्षा जांच क्षेत्र में भी हो और इनका मेनू भी बढ़ाया जाए।

भाजपा के डॉ अनिल सुखदेव राव बोंडे ने न्यूरो फाइब्रोमेटोसिस की समस्या का समय से पहले पता लगाने पर जोर देते हुए कहा कि बाद में पता चलने पर यह बीमारी लाइलाज हो जाती है।

इसी पार्टी के डॉ के लक्ष्मण, सतपाल शर्मा और सुमित्रा वाल्मीक तथा आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने भी विशेष उल्लेख के जरिये लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।

इसके बाद पांच बजकर 47 मिनट पर सदन की बैठक मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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