लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही
नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) लोकसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की बैठक 11 बजे शुरू हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि 18वीं लोकसभा के इस (सातवें) सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं और सदन की कार्यवाही 151 घंटे तथा 42 मिनट तक चली।
उन्होंने कहा कि इस सत्र में कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य दलों के प्रमुख नेता सदन में मौजूद थे।
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किए जाने के साथ हुई। सदन ने 2 घंटे 46 मिनट की चर्चा के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया।
पांच फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव को हंगामे के बीच प्रधानमंत्री मोदी के जवाब के बिना पारित किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पांच फरवरी को सदन में कहा कि एक दिन पहले कांग्रेस के कई सदस्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए।
राष्ट्रपति अभिभाषण पर लोकसभा में शुरू हुई चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण के हवाले से चीन के साथ टकराव का मुद्दा उठाने का प्रयास किया था, लेकिन अध्यक्ष बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी।
इस मुद्दे पर सदन में गतिरोध बना रहा। इसी दौरान आसन के समीप कागज उछालने और आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के मामले में कांग्रेस के आठ और एक माकपा सदस्य को संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। हालांकि बजट सत्र के दूसरे चरण में 17 मार्च को इन विपक्षी सदस्यों का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके आग्रह पर सदन में नहीं आकर लोकसभा को अप्रिय दृश्य से बचाया और इसके लिए वह प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री द्वारा दिए जाने की परंपरा है।
एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में वित्त वर्ष 2026-2027 का केंद्रीय बजट पेश किया। बजट पर लगभग 13 घंटे की चर्चा के बाद वित्त मंत्री ने 11 फरवरी को चर्चा का उत्तर दिया।
लोकसभा में 18 मार्च को केन्द्रीय बजट से संबंधित विनियोग विधेयक पारित किया गया और इसके बाद सदन द्वारा वित्त विधेयक को 25 मार्च को स्वीकृति दे दी गई।
पहले यह सत्र दो अप्रैल को संपन्न होना था, लेकिन महिला आरक्षण से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ विधेयक और इससे संबंधित दो अन्य विधेयकों पर चर्चा करने और इन्हें पारित कराने के मकसद से सत्र को बढ़ा दिया गया था तथा 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिन की विशेष बैठक बुलाई गई थी।
यह संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया। शुक्रवार को विधेयक पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।
लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।
विधेयक पर मत विभाजन में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विधेयक को पारित करने के लिए 352 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी।
बिरला ने बताया कि इस सत्र में कुल 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और नौ पारित किए। पारित किए गए विधेयकों में औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक 2026, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026, जन विश्वास संशोधन विधेयक 2026 और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक 2026 शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 मार्च को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और भारत के समक्ष आ रही चुनौतियों के बारे में सदन में एक वक्तव्य दिया।
सदन में 30 मार्च को ‘वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त कराने के प्रयास’ विषय पर नियम 193 के तहत एक अल्पकालिक चर्चा की गई, जो 6 घंटे 7 मिनट तक चली। गृह मंत्री अमित शाह ने इसका उत्तर दिया।
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की धुन के साथ ही लोकसभा की बैठक अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा

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