लोकसभा ने सांसदों से कहा: प्रश्नकाल समाप्त होने तक उत्तर सार्वजनिक नहीं कर सकते
लोकसभा ने सांसदों से कहा: प्रश्नकाल समाप्त होने तक उत्तर सार्वजनिक नहीं कर सकते
नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को याद दिलाया है कि प्रश्नकाल में मंत्रियों द्वारा पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए जाने तक लिखित उत्तरों की सामग्री को ‘‘अत्यंत गोपनीय’’ माना जाएगा।
लोकसभा सचिवालय ने यह भी स्पष्ट किया कि मौखिक उत्तर के लिए सूचीबद्ध प्रश्नों के उत्तरों की सामग्री भी ‘‘सदन में प्रश्न पूछे जाने और उसका उत्तर दिए जाने तक अत्यंत गोपनीय’’ रहेगी।
सचिवालय ने कहा कि यदि किसी प्रश्न पर सदन में मौखिक उत्तर नहीं दिया जाता है, तो प्रश्नकाल समाप्त होने तक उस प्रश्न का उत्तर सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए।
बीते शनिवार को जारी एक बुलेटिन में कहा गया कि लिखित प्रश्नों के उत्तरों को तब तक गोपनीय रखा जाएगा, जब तक उन्हें सदन के पटल पर नहीं रखा जाता और प्रश्नकाल समाप्त नहीं हो जाता।
बुलेटिन में कहा गया कि किसी प्रश्न का उत्तर उसी रूप में अंतिम माना जाएगा, जिस रूप में वह किसी निर्धारित तिथि के लिए सदन की कार्यवाही में प्रकाशित होता है।
ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें सांसदों ने अपने प्रश्नों के उत्तर संसद के संबंधित अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक किए जाने से पहले ही मीडिया के साथ साझा कर दिए।
अतीत में कई सांसदों ने प्रश्नों के उत्तर सोशल मीडिया पर भी साझा किए हैं।
लोकसभा में प्रश्नकाल सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि राज्यसभा में दोपहर 12 बजे से एक बजे तक होता है।
भाषा हक हक अविनाश
अविनाश

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