एलपीजी संकट : दिल्ली के भोजनालय बेइज्जती और बढ़ती लागत से जूझ रहे

एलपीजी संकट : दिल्ली के भोजनालय बेइज्जती और बढ़ती लागत से जूझ रहे

एलपीजी संकट : दिल्ली के भोजनालय बेइज्जती और बढ़ती लागत से जूझ रहे
Modified Date: March 28, 2026 / 08:01 pm IST
Published Date: March 28, 2026 8:01 pm IST

(मानिक गुप्ता)

नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा)

राजधानी के छोटे-छोटे भोजनालय और ढाबे शहर की खानपान की संस्कृति का आधार रहे हैं, लेकिन आर्थिक और संसाधन संबंधी कठिनाइयों के कारण स्थिति भयावह हैं। रसोई गैस की कमी और कालाबाजार में बढ़ती हुई कीमतों के कारण कई भोजनालय अपने व्यंजन सूची में बदलाव करने, कर्मचारियों की संख्या घटाने और कोयले एवं लकड़ी पर खाना पकाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

नीरज चावला संयुक्त परिवार से अलग होने के बाद पिछले एक साल से राजौरी गार्डन में ‘वैष्णो रसोई’ चला रहे हैं, उनके लिए यह संघर्ष वित्तीय और व्यक्तिगत दोनों तरह का है।

वह बताते हैं कि कारोबार बंद करना समझदारी भरा कदम होगा, लेकिन ‘बेइज्जती’ (शर्म) के डर से ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

चावला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “बेइज्जती न हो कि दुकान बंद करके बैठ गया, इसलिए मैं दुकान चला रहा हूं।”

उन्होंने बताया कि ज्यादा खर्च और लगातार हो रहे नुकसान के बावजूद वह इसी वजह से अपना काम जारी रखे हुए हैं।

पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने देश में उत्पादित प्राकृतिक गैस के आवंटन की प्राथमिकता सूची में संशोधन किया है, जिसमें एलपीजी उत्पादन को सीएनजी और पीएनजी के साथ शीर्ष प्राथमिकता में रखा गया है।

इससे बाजार मूल्य पर मिलने वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करने वाले होटल और रेस्तरां के लिए कथित रूप से आपूर्ति संकट पैदा हो गया है।

दैनिक बिक्री से अच्छे दिनों में लगभग 12,000 रुपये के आसपास रहती थी, लेकिन कोयले और लकड़ी के उपयोग से खाना पकाने का समय दोगुना होने और दक्षता कम होने के कारण बिक्री गिर गई है, जिसके कारण चावला को पहले ही दो कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा है।

दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार ने सिलेंडर आवंटन बढ़ाकर इस समस्या का समाधान करने के लिए कदम उठाए हैं।

सिरसा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का आवंटन औसत दैनिक खपत के 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है, साथ ही निवासियों और व्यवसायों को निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दे रही है।

मंत्री के अनुसार, प्रतिदिन व्यावसायिक सिलेंडरों का आवंटन 1,800 से बढ़ाकर 4,500 सिलेंडर कर दिया गया है।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में