महाराष्ट्र : संरक्षित स्मारक में मशाल जलाकर रील बनाने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी
महाराष्ट्र : संरक्षित स्मारक में मशाल जलाकर रील बनाने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी
छत्रपति संभाजीनगर, 26 फरवरी (भाषा) पुलिस ने महाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्थित एक संरक्षित स्मारक परिसर में मशाल जलाकर और ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग कर रील बनाने के आरोप में पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो के सामने आने के बाद की गई, जिनमें पांच से छह अज्ञात व्यक्ति पाटणादेवी स्थित महेश्वर मंदिर के भीतर वीडियो बनाते दिखाई दे रहे हैं। यह स्थल प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम के तहत संरक्षित है।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अपलोड किए गए इन क्लिप में एक महिला ‘शिवलिंग’ के पास अनुष्ठान करती दिख रही है, जबकि अन्य लोग चेहरे ढके हुए मंदिर की घंटियां बजा रहे हैं।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के एक अधिकारी ने बताया कि रील बनाने के वीडियो में समूह के सदस्य पाइपों से कपड़ा बांधकर ज्वलनशील तरल पदार्थ का उपयोग करते हुए गर्भगृह सहित मंदिर परिसर के भीतर चार से पांच मशालें जलाते नजर आ रहे हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एएसआई कर्मियों द्वारा स्मारक के निरीक्षण के दौरान मंदिर के फर्श और स्तंभों पर धुएं के कारण काले धब्बे और जलने से नुकसान होने का पता चला।
एएसआई के एक कर्मचारी की शिकायत के आधार पर चालीसगांव की ग्रामीण पुलिस ने 17 फरवरी को कई इंस्टाग्राम खातों का उपयोग करने वाले पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ स्मारक को क्षति पहुंचाने और दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमने संबंधित प्रोफाइल की जानकारी प्राप्त करने के लिए सोशल मीडिया मंच को पत्र लिखा है।”
यह मंदिर संरक्षित पाटणादेवी एवं महेश्वर मंदिर परिसर का हिस्सा है, जो अपनी हेमाडपंथी शैली की वास्तुकला के लिए जाना जाता है।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव

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