ममता बनर्जी ने ईडी पर टीएमसी के आतंरिक दस्तावेजों को जब्त करने का प्रयास करने का आरोप लगाया
ममता बनर्जी ने ईडी पर टीएमसी के आतंरिक दस्तावेजों को जब्त करने का प्रयास करने का आरोप लगाया
(तस्वीरों सहित)
कोलकाता, आठ जनवरी (भाषा) एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बीच आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डाटा को जब्त करने का प्रयास कर रही थी।
बनर्जी ने कहा कि ‘‘मेरे आईटी प्रकोष्ठ के प्रभारी’’ जैन के आवास और कार्यालयों पर छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक है।
बनर्जी कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा के जैन के आवास पहुंचने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर के आसपास वहां पहुंचीं। वह लगभग 20-25 मिनट तक वहां रहीं और फिर हाथ में हरे रंग का एक ‘फोल्डर’ लेकर बाहर निकलीं।
बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ईडी ने मेरे आईटी सेल (प्रकोष्ठ) के आवास और कार्यालयों पर छापा मारा और मेरे आईटी सेल (प्रकोष्ठ) के प्रभारी के आवास की तलाशी ली। वे मेरी पार्टी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त कर रहे थे, जिनमें विधानसभा चुनाव के लिए हमारी पार्टी के उम्मीदवारों का विवरण था। मैंने इन्हें वापस ले लिया है।’’
उन्होंने ईडी अधिकारियों पर सत्तारूढ़ पार्टी की हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन, लैपटॉप, उम्मीदवारों की सूची और आंतरिक रणनीति संबंधी दस्तावेजों को जब्त करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने पूछा, ‘‘क्या राजनीतिक दलों के आंकड़े एकत्र करना ईडी का काम है?’’
तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक परामर्श के अलावा, आई-पैक पार्टी के आईटी और मीडिया संचालन का भी प्रबंधन करती है।
भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए बनर्जी ने इस कार्रवाई को ‘‘बदले की राजनीति’’ बताया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों को डराने-धमकाने के लिए संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने कहा, ‘‘यह कानून का पालन नहीं है। यही तरीका है उन सबसे सख्त गृह मंत्री के काम करने का, जिन पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी है?’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे खेद है, अमित शाह जी, प्रधानमंत्री को अपने गृह मंत्री पर नियंत्रण रखना चाहिए।’’
जैन के नेतृत्व वाली परामर्श फर्म ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) के सेक्टर-पांच, साल्ट लेक स्थित कार्यालय में भी सुबह से ही ईडी का तलाश अभियान जारी है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि छापेमारी सुबह लगभग छह बजे तब शुरू हुई जब कार्यालय में कोई मौजूद नहीं था।
बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने तब तलाशी शुरू की जब अंदर कोई नहीं था। उन्होंने हमारा डाटा, चुनावी रणनीति और जानकारी अपने ‘सिस्टम’ में स्थानांतरित कर दी। यह एक अपराध है।’’
सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान कार्यालय से कई फाइल बाहर निकाली गईं और मुख्यमंत्री के वाहन में रख दी गईं, जबकि वह जैन के आवास पर ही थीं।
बनर्जी बाद में सेक्टर-पांच स्थित कार्यालय के लिए रवाना हुईं और लगभग दोपहर एक बजे वहां पहुंचीं। तब तक बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इलाके की घेराबंदी कर दी थी, जबकि बिधाननगर की महापौर कृष्णा चक्रवर्ती और राज्य मंत्री सुजीत बोस सहित तृणमूल कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और मंत्री पहले से मौजूद थे।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार समेत राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी कार्यालय पहुंचे।
केंद्रीय बलों ने उस बहुमंजिला इमारत के प्रवेश और निकास बिंदुओं को सील कर दिया था जहां आई-पैक का कार्यालय स्थित है।
केंद्रीय बल के कर्मियों से संपर्क किए बिना, बनर्जी इमारत में दाखिल हुईं और एक सामान्य लिफ्ट से 11वीं मंजिल पर पहुंचीं, जहां कार्यालय स्थित है जबकि वीआईपी के लिए अलग से लिफ्ट की व्यवस्था उपलब्ध थी।
मुख्यमंत्री ने पूछा, “उन्होंने हमारी चुनाव रणनीति, हमारे एसआईआर डाटा और अन्य विवरण ले लिए हैं।’’
भाजपा पर लोकतंत्र को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने का आरोप लगाते हुए, बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा लोकतंत्र की हत्यारी है। एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से 15 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। क्या उन्हें लगता है कि मतदाताओं के नाम हटाकर और राजनीतिक दलों के आईटी प्रकोष्ठ कार्यालयों पर छापे मारकर वे राज्य पर कब्जा कर सकते हैं ?’’
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक पंजीकृत राजनीतिक दल है जो आयकर का भुगतान करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘‘धन और बाहुबल का इस्तेमाल करके हमें दबा नहीं सकती’’।
बनर्जी ने कहा, ‘‘यदि भाजपा बंगाल में जीतना चाहती है तो वह हमसे राजनीतिक रूप से मुकाबला करके दिखाये।” उन्होंने कहा कि जैन के आने और काम शुरू करने तक वह आई-पैक कार्यालय में ही रहेंगी।
बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ईडी की छापेमारी के खिलाफ राज्य के हर ब्लॉक में प्रदर्शन करने का भी आह्वान किया।
यह घटना 2019 में हुए उस नाटकीय घटनाक्रम की याद दिलाती है, जब सीबीआई ने तत्कालीन पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के बंगले की तलाशी ली थी, जिसके बाद बनर्जी मौके पर पहुंचीं और बाद में मध्य कोलकाता में धरना दिया।
इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर संवैधानिक एजेंसियों के कामकाज में बार-बार हस्तक्षेप करने और जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया।
अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री और कोलकाता के पुलिस आयुक्त का दौरा अनैतिक, असंवैधानिक और केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप था।’’
उन्होंने सवाल किया कि तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेज कथित तौर पर एक निजी परामर्श फर्म के पास क्यों थे ?
ईडी ने इस अभियान के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
भाषा देवेंद्र मनीषा
मनीषा

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