खुफिया ब्यूरो का अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाला व्यक्ति गिरफ्तार

खुफिया ब्यूरो का अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाला व्यक्ति गिरफ्तार

खुफिया ब्यूरो का अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाला व्यक्ति गिरफ्तार
Modified Date: January 30, 2026 / 04:44 pm IST
Published Date: January 30, 2026 4:44 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने पूर्वी दिल्ली में लोगों को धोखा देने के लिए खुद को कथित तौर पर खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी के तौर पर पेश किया। वह एक अपराध के एक मामले में भगोड़ा घोषित होने के बाद से फरार था। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी आरोपी विमल भट उर्फ ​​सोनू को 29 जनवरी को पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

वर्ष 2017 के एक मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि भट ने कथित तौर पर आईबी में तैनात एक आईपीएस अधिकारी होने का नाटक करके लोगों को धोखा दिया और खुद को एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में पेश करने के लिए फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया।

पुलिस ने बताया कि वह ‘पुलिस’ के स्टिकर, सायरन और लाउडस्पीकर लगे वाहन में घूमता था, ताकि अधिकारी होने का आभास कराया जा सके और आम जनता के बीच भय पैदा किया जा सके।

पुलिस के मुताबिक, उसके पास से आईबी का एक फर्जी पहचान पत्र, एक वॉकी-टॉकी, पुलिस वर्दी से संबंधित सामान, एक सायरन, एक लाउड हेलर (भोंपू) और गृह मंत्रालय की ओर से जारी किया गया एक अन्य पहचान पत्र बरामद हुआ। इसके अलावा फर्जी प्रमाणपत्रों वाले दस्तावेज भी उसके पास मिले हैं।

इन बरामदगी के आधार पर व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

द्वारका (दक्षिण) पुलिस थाने में दर्ज एक मामले की सुनवाई के दौरान चार अगस्त, 2025 को भट को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया था।

आगे की जांच से पता चला कि वह अन्य मामलों में भी कथित तौर पर शामिल था, जिनमें उधमपुर में परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत एक मामला, नवाबाद में 2020 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 279 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से या तेज गति से वाहन चलाना या सवारी करना) और 304 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला शामिल है।

उसकी संलिप्तता वर्ष 2018 में नारायणा में दर्ज एक मामले में भी पाई गई है। यह मामला आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से किसी को संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करना), 419 , 376(2)(एन) (बलात्कार), 493 (किसी पुरुष द्वारा विवाह का झूठा विश्वास दिलाकर सहवास करना) और 377 (अप्राकृतिक यौनाचार) के के तहत दर्ज है।

आगे की जांच जारी है।

भाषा

सुरेश दिलीप

दिलीप


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