मिसाइलों के साए से लौटे कई राजस्थानी, परिवारों में दौड़ गयी खुशी की लहर
मिसाइलों के साए से लौटे कई राजस्थानी, परिवारों में दौड़ गयी खुशी की लहर
जयपुर, पांच मार्च (भाषा) ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष के कारण दुबई में फंसे कई राजस्थानी सुरक्षित रूप से अपने घर लौट आए हैं।
उनके परिवार के लोग उनकी सुरक्षित वापसी का जश्न मना रहे हैं। लौटने वालों में बीकानेर के छह युवक शामिल हैं, जो काम के सिलसिले में दुबई गए थे। उनमें जोधपुर के कुछ श्रद्धालु भी थे जो धार्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में वहां गये थे।
ये लोग ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष के बीच फंस गए थे। घर पहुंचने के बाद उन्होंने अपने परिवार और परिचितों को अपने अनुभव सुनाए एवं बताया कि उड़ानों के निलंबन के कारण उन्हें कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
बीकानेर के युवकों ने मिसाइल हमलों के भयावह अनुभव साझा किए।
राजेंद्र आचार्य ने कहा, “हमारी इमारत के पास मिसाइल धमाके होते थे, जिससे रातें बेचैन हो जाती थीं। हमें जल्दी में निकलना पड़ा ।”
उन्होंने बताया कि वह पहले मस्कट पहुंचे, फिर वहां से गोवा और दिल्ली होते हुए अंततः बीकानेर लौटे। उन्होंने सुरक्षित यात्रा के लिए ईश्वर का आभार जताया।
रवि पुगालिया ने कहा कि परिजन बेहद चिंतित थे। उन्होंने कहा, “स्थिति बिगड़ने पर हमारे पास तुरंत निकलने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।”
उन्होंने सरकार से अपील की कि जो लोग अब भी दुबई और खाड़ी देशों में फंसे हैं, उन्हें जल्द से जल्द वापस लाने की व्यवस्था की जाए।
जोधपुर के श्रद्धालु भी दुबई में फंसे रहे। उनकी वापसी 28 फरवरी को तय थी, लेकिन उड़ान रद्द होने और तनाव बढ़ने से उन्हें वहीं रुकना पड़ा।
त्रिलोकीनाथ ने बताया, “अबू धाबी हवाईअड्डे के पास बमबारी के बाद हम बेहद डर गए थे, लेकिन दुबई में अन्य भारतीयों और माहेश्वरी समाज की मदद से हम किसी तरह लौट पाए।”
कैलाश बोथरा ने कहा, “उड़ान रद्द होने के कारण हमें तीन गुना अधिक खर्च करना पड़ा। भारतीय और स्थानीय सरकार से कोई मदद नहीं मिली। केवल भारतीय समुदाय और माहेश्वरी समाज की सहायता से हम लौट सके।”
जोधपुर के ये लोग 23फरवरी को दुबई में संत अमृतराम महाराज के साथ गए थे। वहां संत अमृतराम महाराज की 24 से 28 फरवरी तक कथा थी। इन लोगों को 28 फरवरी को कथा समापन के बाद वापस लौटना था।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
राजकुमार

Facebook


