उपचार में लापरवाही के लिए मैक्स अस्पताल को 10 लाख रु मुआवजा देने का आदेश
उपचार में लापरवाही के लिए मैक्स अस्पताल को 10 लाख रु मुआवजा देने का आदेश
देहरादून, छह फरवरी (भाषा) उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने एक मरीज के उपचार में लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुए शहर के एक नामी अस्पताल को दस लाख रु बतौर प्रतिपूर्ति देने का आदेश दिया तथा अस्पताल के एक न्यूरो सर्जन का पंजीकरण दो माह के लिए निरस्त कर दिया । काउंसिल द्वारा यह जानकारी शुक्रवार को दी गयी।
डॉ अनुज सिंघल की अध्यक्षता वाली काउंसिल की पांच सदस्यीय न्यायिक समिति ने अप्रैल 2025 में देहरादून में निजी अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों द्वारा की गयी शिकायत की जांच के बाद यह निर्णय दिया ।
मसूरी डायवर्जन रोड स्थित मैक्स अस्पताल में बिंदेश्वरी देवी को चार अप्रैल को भर्ती कराया गया था लेकिन उपचार के दौरान सात अप्रैल को उनकी मौत हो गयी। इसके बाद उनके पति कर्नल अमित कुमार दोउली ने अस्पताल और चिकित्सकों के विरूद्ध अपनी पत्नी के उपचार में लापरवाही बरतने और इस कारण उनकी मौत होने की काउंसिल में शिकायत की थी ।
प्रकरण की जांच में अस्पताल को मृतका के इलाज में चिकित्सकीय उपेक्षा बरतने तथा कदाचार का दोषी पाया गया जिसके बाद काउंसिल की न्यायिक समिति ने अस्पताल को पीड़ित परिवार को 10 लाख रु प्रतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया ।
समिति ने अस्पताल में न्यूरोसर्जरी प्रभाग के चिकित्सक डॉ आनंद मोहन ठाकुर को मुख्य रूप से चिकित्सीय इलाज में लापरवाही का दोषी ठहराते हुए काउंसिल से उनका पंजीकरण दो महीने के लिए निरस्त कर दिया ।
आदेश में कहा गया है कि चिकित्सक को इस अवधि में किसी भी अस्पताल, नर्सिंग होम या चिकित्सकीय प्रतिष्ठान में चिकित्सकीय व्यवसाय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है और इस दौरान वे कहीं भी अपनी सेवाएं नहीं दे सकेंगे ।
भाषा दीप्ति रंजन नरेश
नरेश

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