एमसीडी ने 26 अवैध संपत्तियों को ढहाया या आंशिक रूप से ध्वस्त किया

एमसीडी ने 26 अवैध संपत्तियों को ढहाया या आंशिक रूप से ध्वस्त किया

एमसीडी ने 26 अवैध संपत्तियों को ढहाया या आंशिक रूप से ध्वस्त किया
Modified Date: June 8, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: June 8, 2026 10:31 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ शहर भर में कार्रवाई करते हुए सोमवार को 26 संपत्तियों को ढहा दिया या आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया तथा 42 अन्य को सील कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इसके अतिरिक्त, दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने 86 संपत्तियों का निरीक्षण किया, जिससे पांच जून से अब तक निरीक्षण की गई कुल संपत्तियों की संख्या 452 हो गई है।

यह सख्त कार्रवाई शहर में हाल ही में हुई कई त्रासदियों के बाद की गई है, जो मुख्य रूप से नागरिक संरचनाओं में खामियों, अग्निसुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार के कारण हुई थीं।

इनमें सबसे गंभीर हादसा तीन जून को हुआ था, जब एक पांच मंजिला होटल में भीषण आग लगने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में 16 वर्षीय एक लड़की और नाइजीरिया, किर्गिस्तान, बांग्लादेश, इराक, कांगो, मोजाम्बिक तथा लाइबेरिया के विदेशी नागरिक शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए एमसीडी ने भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया है। निगम ने एक जून से अब तक 123 संपत्तियों को ध्वस्त और 170 संपत्तियों को सील किया है।

दक्षिण दिल्ली में, एमसीडी ने अधचिनी, सैद-उल-अजैब, फ्रीडम फाइटर कॉलोनी, सावित्री नगर, खिड़की एक्सटेंशन और छतरपुर पहाड़ी सहित अन्य क्षेत्रों में नौ बड़ी प्रवर्तन कार्रवाइयां कीं।

अधिकारियों ने बताया कि एक जून से सैद-उल-अजैब, हौज़ रानी, खिड़की एक्सटेंशन, सावित्री नगर, बेगमपुर, छतरपुर, सैनिक फार्म, खानपुर और गौतम नगर में ध्वस्तीकरण और सीलिंग के लिए कुल 56 संपत्तियों को निशाना बनाया गया है।

नगर निकाय ने यह भी कहा कि सभी क्षेत्रों (ज़ोन) में अवैध वाणिज्यिक और आवासीय निर्माणों की पहचान के लिए एक सर्वेक्षण चल रहा है।

अलग से, सुरक्षा लागू करने के एक बड़े अभियान के तहत, अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में अग्निसुरक्षा अनुपालन, आपातकालीन तैयारियों और भवन निर्माण मानदंडों के पालन की जांच के लिए चार दिनों के भीतर 452 स्थलों का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने बताया कि पांच से सात जून के बीच 366 स्थलों का निरीक्षण किया गया, जबकि सोमवार को 86 और संपत्तियों की जांच की गई, जिसके बाद नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कई कारण बताओ और बंद करने के नोटिस जारी किए गए।

निरीक्षण में विशेष रूप से बजट होटल, गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर कमियां पाई गईं, जहां अग्निसुरक्षा प्रणालियों और आपातकालीन प्रोटोकॉल में खामियां थीं।

भाषा सुमित माधव

माधव


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