एमसीडी टोल निविदा में 500 करोड़ रुपये का ‘नुकसान’, आप का दावा; भाजपा ने किया खारिज

एमसीडी टोल निविदा में 500 करोड़ रुपये का 'नुकसान', आप का दावा; भाजपा ने किया खारिज

एमसीडी टोल निविदा में 500 करोड़ रुपये का ‘नुकसान’, आप का दावा; भाजपा ने किया खारिज
Modified Date: July 27, 2026 / 10:44 pm IST
Published Date: July 27, 2026 10:44 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को दावा किया कि यदि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने टोल टैक्स और पर्यावरण मुआवजा शुल्क (ईसीसी) के टेंडर में 1,100 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली को खारिज नहीं किया होता, तो उसे अधिक राजस्व प्राप्त हो सकता था।

आप के एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने एक बयान में आरोप लगाया कि ईसीसी अनुबंध के लिए खारिज की गयी सात बोलियों में 1,100 करोड़ रुपये की उच्चतम बोली भी शामिल थी। उन्होंने दावा किया कि इस राशि को नजरअंदाज कर 936 करोड़ रुपये या उससे कम की बोली पर विचार किया गया।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन दावों को ‘भ्रामक, निराधार और तथ्यों से परे’ बताकर खारिज कर दिया है।

सदन के नेता और भाजपा पार्षद जय भगवान यादव ने कहा कि विपक्ष टेंडर प्रक्रिया को समझे बिना भ्रम पैदा कर रहा है।

यादव ने कहा, ‘विपक्ष के नेता प्रवीण कुमार द्वारा टोल टैक्स मुद्दे पर प्रस्तुत की गई जानकारी पूरी तरह से भ्रामक, तथ्यहीन और वास्तविक स्थिति से परे है।’

इस बीच, ‘आप’ ने मांग की है कि टेंडर को रद्द किया जाए और नए सिरे से खुली बोली प्रक्रिया आयोजित की जाए।

कुमार ने कहा, ‘भाजपा सरकार को टोल टेंडर तुरंत रद्द कर खुला टेंडर आमंत्रित करना चाहिए, ताकि एमसीडी को अधिकतम राजस्व मिल सके।’

आप नेता ने आरोप लगाया कि कुछ खास कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किया गया।

भाषा सुमित दिलीप

दिलीप


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