भारत में एचआईवी के सबसे अधिक मामले हैं मेघालय में: स्वास्थ्य मंत्री
भारत में एचआईवी के सबसे अधिक मामले हैं मेघालय में: स्वास्थ्य मंत्री
शिलांग, 25 फरवरी (भाषा) मेघालय के स्वास्थ्य मंत्री डब्ल्यू शिला ने बुधवार को कहा कि भारत में एचआईवी के सबसे अधिक मामले मेघालय में हैं, जहां 10,000 से अधिक मरीज उपचाराधीन हैं।
शिला ने कहा कि राज्य इस स्थिति से निपटने के लिए 25 करोड़ रुपये की पांच वर्षीय हस्तक्षेप योजना को मंजूर कर चुका है।
मंत्री ने विधानसभा में कहा कि वर्तमान में राज्य में एचआईवी से पीड़ित 10,293 लोगों को ‘एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी’ (एआरटी) मिल रही है।
एनपीपी विधायक मेहताब चंदी ए संगमा के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने एचआईवी/एड्स के मामलों में ‘खतरनाक वृद्धि’ से निपटने के लिए अगले पांच वर्षों में मिशन-मोड कार्यक्रम के लिए 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में इस बीमारी से 749 मरीजों की मौत हो गयी है, जिनमें से पूर्वी खासी हिल्स में 435, पश्चिमी जयंतिया हिल्स (123) और पूर्वी जयंतिया हिल्स (90) में जानें गयीं।
बढ़ते संक्रमणों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एचआईवी और एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम के तहत गोपनीयता प्रावधान और सामाजिक कलंक प्रमुख चुनौतियां हैं।
उन्होंने कहा, “एचआईवी की स्थिति को गोपनीय रखना होता है, सहमति के बिना परीक्षण नहीं किए जा सकते, और हम लोगों को दवा लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। सबसे बड़ी बात यह है कि सामाजिक कलंक एक बड़ी भूमिका निभा रहा है, जिसके कारण लोग परीक्षण कराने से डरते हैं।”
उन्होंने कहा कि इन बाधाओं के बावजूद, विभाग उपचार की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान तेज कर रहा है।
भाषा राजकुमार रंजन
रंजन

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