मेहराज मलिक के परिवार ने उनकी रिहाई को ‘सत्य की जीत’ बताया
मेहराज मलिक के परिवार ने उनकी रिहाई को ‘सत्य की जीत’ बताया
(फोटो के साथ)
जम्मू, 28 अप्रैल (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मेहराज मलिक के परिवार के सदस्यों और पार्टी नेताओं ने मंगलवार को उनकी रिहाई का स्वागत करते हुए इसे ‘‘सत्य की जीत’’ करार दिया एवं जम्मू-कश्मीर में जन कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दोहराई।
मलिक के पिता शम्मस दीन ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बेटे ने हमेशा जनता के लिए काम किया है। दीन ने कहा, ‘‘वह मेरा बेटा है और वह जनता और उनकी खुशी के लिए यहां है। जनता सब कुछ देख रही है, यह सत्य की जीत है। यह जनता की जीत है।’’
आम आदमी पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष मलिक को सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में सितंबर में लोक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें कठुआ जेल में रखा गया।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने सोमवार को उनकी हिरासत को रद्द करते हुए कहा कि डोडा के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं था।
दीन ने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद, परिवार जनता के प्रति प्रतिबद्ध और सक्रिय बना रहा। डोडा और रामबन जैसे क्षेत्रों से मिले समर्थन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कई लोग एकजुटता दिखाने के लिए लंबी दूरी तय करके आए।
दीन ने कहा, ‘‘सत्य की हमेशा जीत होती है। ऊपर वाला सब कुछ देख रहा है। भले ही लोग कुछ भी कहें, अंततः सत्य की ही जीत होती है।’’
दिल्ली के बल्लीमारान से आप विधायक इमरान हुसैन मलिक का स्वागत करने यहां आए। उन्होंने मामले को रद्द करने के लिए न्यायपालिका को धन्यवाद दिया।
हुसैन ने कहा, ‘‘मैं अदालत का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं कि उसने सच को उजागर किया और झूठे मामले को खारिज किया।’’
हुसैन ने इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बताते हुए मलिक, उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों, विशेषकर कश्मीर के लोगों को बधाई दी।
आप नेता ने यह भी आरोप लगाया कि जनता की आवाज़ को दबाने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा, “जनता के मुद्दों को उठाने वालों को निशाना बनाया गया। यह ठीक नहीं है और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना दावा किया कि सत्तारूढ़ व्यवस्था के खिलाफ बोलने वालों को भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
परिवार के सदस्यों और पार्टी नेताओं ने दोहराया कि मलिक का संघर्ष जनकल्याण के लिए रहा है और आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।
भाषा आशीष माधव
माधव

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