पश्चिम एशिया संघर्ष: विदेश मंत्रालय ने कहा- ‘विभिन्न घटनाओं’ में आठ भारतीयों की जान गई

पश्चिम एशिया संघर्ष: विदेश मंत्रालय ने कहा- 'विभिन्न घटनाओं' में आठ भारतीयों की जान गई

पश्चिम एशिया संघर्ष: विदेश मंत्रालय ने कहा- ‘विभिन्न घटनाओं’ में आठ भारतीयों की जान गई
Modified Date: March 30, 2026 / 07:16 pm IST
Published Date: March 30, 2026 7:16 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को कहा कि क्षेत्र में ‘विभिन्न घटनाओं’ में आठ भारतीय नागरिकों की जान चली गई है, जबकि एक अभी भी लापता है।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर यहां आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी), असीम आर महाजन ने यह भी कहा, ‘कल कुवैत में एक हमले में दुर्भाग्यवश एक भारतीय नागरिक की जान चली गई।’

हालांकि, उन्होंने इस मौत के कारणों के बारे में विस्तार से नहीं बताया।

उन्होंने कहा, “हम मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। कुवैत स्थित हमारा दूतावास मृतक के परिवार के संपर्क में है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर हर संभव सहायता प्रदान करने और उनके पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत वापस लाने के लिए समन्वय कर रहा है।”

बीस मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में महाजन ने पत्रकारों को बताया था कि विभिन्न घटनाओं में छह भारतीय नागरिकों की जान चली गई है, जबकि एक नागरिक लापता है।

उन्होंने सोमवार को अद्यतन जानकारी देते हुए कहा, “दुर्भाग्यवश, विभिन्न घटनाओं में आठ भारतीय नागरिकों की जान चली गई है और एक भारतीय नागरिक लापता है।”

सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने हाल ही में कहा था कि 18 मार्च की घटनाओं के कारण रियाद में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई।

मंत्रालय ने यह भी बताया था कि 28 फरवरी से अब तक लगभग 55 लाख यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं।

विदेश मंत्रालय ने सोमवार को दोहराया कि वह खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हम संयम बरते जाने और तनाव कम करने का आह्वान करते हैं और साथ ही संघर्ष को जल्द समाप्त करने के साधन के रूप में संवाद और कूटनीति पर जोर देते हैं।’

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 मार्च को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से बात की थी और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की थी तथा नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर सहमति जतायी थी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी टेलीफोन वार्ता में, क्षेत्रीय ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों की भारत की निंदा को भी दोहराया।

महाजन ने कहा कि इस क्षेत्र में रहने वाले बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण ‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’ है।

उन्होंने कहा, “हमारा समर्पित विशेष नियंत्रण कक्ष कार्यरत है… क्षेत्र भर में हमारे मिशन और दूतावास चौबीस घंटे काम कर रहे हैं, 24 घंटे हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं, नियमित रूप से अद्यतन सलाह जारी कर रहे हैं और क्षेत्र में फैले भारतीय समुदाय संघों, संगठनों और भारतीय कंपनियों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।”

इसके अलावा, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मौजूदा संघर्ष के कारण परीक्षाएं रद्द होने के बाद क्षेत्र में कक्षा 10 और 12वीं के परिणामों की घोषणा के लिए मूल्यांकन योजना को अधिसूचित कर दिया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि शैक्षणिक चिंताओं, विशेष रूप से सीबीएसई, आईसीएसई, केरल बोर्ड और जेईई और नीट परीक्षाओं से संबंधित चिंताओं का अभिभावकों और छात्रों के साथ नियमित संपर्क के माध्यम से समाधान किया जा रहा है।

उसने कहा कि साथ ही, भारतीय नाविकों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उसने कहा कि भारतीय मिशन क्षेत्र में जहाजों पर तैनात भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ निरंतर संपर्क में हैं ताकि उन्हें सहायता प्रदान की जा सके।

महाजन ने कहा कि एयरलाइन भारत और यूएई के बीच सीमित गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करना जारी रखे हुए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला होने के कारण, कतर एयरवेज द्वारा 30 मार्च को भारत के लिए लगभग 10 उड़ानें संचालित किए जाने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है। अधिकारी ने बताया कि कुवैत की जज़ीरा एयरवेज और बहरीन की गल्फ एयर सऊदी अरब के हवाई अड्डे से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए अनियमित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘उड़ान प्रतिबंधों और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण, हम भारतीय नागरिकों को ईरान से आर्मेनिया और अजरबैजान होते हुए भारत आने में सुविधा प्रदान कर रहे हैं, … और इजराइल से, मिस्र से और जॉर्डन से भारत आने में, इराक से जॉर्डन और सऊदी अरब होते हुए भारत आने में और कुवैत और बहरीन से सऊदी अरब होते हुए भारत आने में सुविधा प्रदान कर रहे हैं।’

भाषा अमित नरेश

नरेश


लेखक के बारे में