हथियार डाल चुके उग्रवादियों ने शांति समझौता लागू करने के लिए रेल-सड़क नाकाबंदी की धमकी दी

हथियार डाल चुके उग्रवादियों ने शांति समझौता लागू करने के लिए रेल-सड़क नाकाबंदी की धमकी दी

हथियार डाल चुके उग्रवादियों ने शांति समझौता लागू करने के लिए रेल-सड़क नाकाबंदी की धमकी दी
Modified Date: June 8, 2026 / 07:10 pm IST
Published Date: June 8, 2026 7:10 pm IST

अगरतला, आठ जून (भाषा) पूर्वोत्तर में दो साल पहले हथियार डाल चुके उग्रवादियों ने त्रिपुरा के तीन स्थानों पर 12 जून को रेल और सड़क यातायात अवरूद्ध करने की सोमवार को धमकी दी। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकारों के साथ हस्ताक्षरित शांति समझौते को तत्काल लागू करने की भी मांग की।

केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुए समझौते के बाद, सितंबर 2024 में सिपाहिजाला जिले के जम्पाइजाला में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा के समक्ष नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) और अखिल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के लगभग 1,200 सदस्यों ने हथियार डाल दिए थे।

केंद्र सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के साथ-साथ मूल निवासियों के समग्र विकास के लिए 250 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी।

हथियार डाल चुके उग्रवादियों के नेता प्रसेनजीत देबबर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे कार्यकर्ताओं और आदिवासी लोगों के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ शांति समझौता हुए दो साल हो गए हैं। इसके तहत हमारे लोगों के पुनर्वास के लिए 250 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया गया था। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।’’

देबबर्मा ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव जेके सिन्हा को पत्र लिखकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके हालिया राज्य दौरे के दौरान मुलाकात करने तथा इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए समय देने का अनुरोध किया था।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘दुर्भाग्यवश, हमें केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के संबंध में सरकार से कोई जवाब नहीं मिला।’’

देबबर्मा ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले 1,200 उग्रवादियों में से अब तक केवल 79 का ही पुनर्वास किया गया है, जबकि शेष के पुनर्वास पर निर्णय अभी लंबित है और इसे लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोई और विकल्प न मिलने पर हमने शांति समझौते को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर 72 घंटे के लिए रेल और सड़क मार्ग अवरूद्ध करने का फैसला किया है। यह नाकाबंदी तीन स्थानों खोवाई जिले में खोवाई और तेलियामुरा तथा पश्चिम त्रिपुरा जिले में बरमुरा पर की जाएगी।’’

भाषा सुभाष धीरज

धीरज


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