मिजोरम : हमार उग्रवादी समूह के 43 सदस्य बृहस्पतिवार को आत्मसमर्पण करेंगे
मिजोरम : हमार उग्रवादी समूह के 43 सदस्य बृहस्पतिवार को आत्मसमर्पण करेंगे
आइजोल, 29 अप्रैल (भाषा) मिजोरम में हमार पीपुल्स कन्वेंशन-डेमोक्रेटिक (एचपीसी-डी) के लालमिंगथांगा सनाते नीत गुट के 43 सदस्य बृहस्पतिवार को आत्मसमर्पण करेंगे। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा और गृह मंत्री के सपडांगा आइजोल से लगभग 40 किलोमीटर दूर सेसावंग स्थित पुलिस केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित उस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसमें एचपीसी-डी के सनाते गुट के 43 सदस्य आत्मसमर्पण करेंगे।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम मिजोरम सरकार और हमार पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) के बीच 14 अप्रैल को हस्ताक्षरित शांति समझौते के बाद आयोजित किया जा रहा है, जो प्रभावी रूप से राज्य में उग्रवाद के अंत का प्रतीक है।
अधिकारियों के मुताबिक, सनाते नीट एचपीसी (डी) गुट हाल के वर्षों में काफी हद तक निष्क्रिय रहा है, लेकिन उसे मिजोरम में अंतिम सक्रिय जातीय उग्रवादी संगठन माना जाता है, जो हमार-बहुल गांवों में जबरन वसूली सहित छिटपुट आपराधिक गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल था।
उन्होंने बताया कि आइजोल जिले में सिनलुंग हिल्स काउंसिल (एसएचसी) के मुख्यालय सकावरदाई में हस्ताक्षरित इस समझौते में हमार बहुल एसएचसी क्षेत्र के व्यापक विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, समझौते के प्रमुख प्रावधानों में एसएचसी के लिए उच्च बजट आवंटन, एक विशेष विकास पैकेज, बुनियादी ढांचे का उन्नयन और बेहतर संपर्क सुविधा शामिल है।
सनाते गुट 1986 से मिजोरम में सक्रिय तीन हमार उग्रवादी समूहों में से अंतिम सक्रिय समूह था, जिसने शुरू में छठी अनुसूची के तहत एक स्वायत्त जिला परिषद की मांग की थी।
पहले समूह-हमिंगचुंगनुंगा के नेतृत्व वाले एचपीसी-ने 1994 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके परिणामस्वरूप सिनलुंग हिल्स डेवलपमेंट काउंसिल (एसएचडीसी) का गठन हुआ।
दूसरे समूह-दिवंगत एच जोसांगबेरा के नेतृत्व वाले एचपीसी (डी)-ने 2016 में शुरू हुई बातचीत के बाद 2018 में एक अलग समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत एसएचडीसी की जगह बढ़ी हुई स्वायत्तता के साथ सिनलुंग हिल्स काउंसिल (एसएचसी) का गठन किया गया।
मुख्य कार्यकारी सदस्य की अध्यक्षता वाली 14 सदस्यीय एसएचसी ने नवंबर 2019 में अपना पहला चुनाव आयोजित किया, जिसमें मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और एचपीसी के गठबंधन ने 10 सीट जीतीं।
सनाते ने 1994 के समझौते से असंतोष व्यक्त करने के बाद अपना गुट बनाया था।
मूल रूप से सैतुअल जिले के खवलियन गांव के रहने वाले सनाते ने असम के कछार जिले में स्थित ठिकानों से उग्रवादियों के एक छोटे समूह के साथ गुट का संचालन किया।
एचपीसी-डी के सनाते गुट के एक नेता ने कहा कि लालदुहोमा के नेतृत्व वाली वर्तमान जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) सरकार ने पर्दे के पीछे कई दौर की वार्ताओं के बाद संगठन को मुख्यधारा में वापस लाने में सफलता हासिल की है।
भाषा पारुल पवनेश
पवनेश

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