रक्षा मंत्रालय ने छह सैन्य हेलीकॉप्टर के लिए एएचएल के साथ अनुबंध किया
रक्षा मंत्रालय ने छह सैन्य हेलीकॉप्टर के लिए एएचएल के साथ अनुबंध किया
नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को छह आधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) और सतह से हवा में प्रहार करने वाली मिसाइलों की खरीद के लिए 5,083 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
एएलएच हेलीकॉप्टर भारतीय तटरक्षक के लिए खरीदे जा रहे हैं, वहीं श्टिल मिसाइलों को भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘परिचालन भूमिका वाले उपकरण, इंजीनियरिंग समर्थन पैकेज और कार्य प्रदर्शन आधारित साजोसामान सहयोग के साथ एएलएच एमके-3 (समुद्री भूमिका) के लिए 2,901 करोड़ रुपये का अनुबंध हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ किया गया है।’’
इसमें कहा गया है कि इन दोहरे-इंजन वाले हेलीकॉप्टरों में इस समय संचालित हवाई प्लेटफॉर्म से बेहतर आधुनिक विशेषताएं हैं और ये किनारे पर मौजूद एयरफील्ड के साथ-साथ समुद्र में जहाजों से भी कई तरह के समुद्री सुरक्षा मिशनों के संचालन में सक्षम हैं।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस अधिग्रहण से भारतीय तटरक्षक की कृत्रिम द्वीपों, अपतटीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और संरक्षण तथा मछुआरों और समुद्री पर्यावरण की हिफाजत के कर्तव्यों को पूरा करने की क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी।’’
सतह से हवा में प्रहार करने वाली श्टिल मिसाइल और उससे जुड़े मिसाइल होल्डिंग फ्रेम की खरीद के लिए 2,182 करोड़ रुपये का अनुबंध रूस की जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ किया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि इस खरीद का मकसद अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की, विविध हवाई खतरों के खिलाफ वायु रक्षा क्षमताएं बढ़ाना है।
इसमें कहा गया, ‘‘यह प्रणाली भारतीय नौसेना के मंचों पर विभिन्न स्तरों पर वायु रक्षा ढांचा स्थापित करेगी।’’
एक बयान के अनुसार, ‘‘यह अनुबंध भारत और रूस के बीच समय की कसौटी पर खरी उतरी रक्षा साझेदारी और समझ को रेखांकित करता है जो आपसी भरोसे और रणनीतिक संरेखण पर आधारित है।’’
भाषा वैभव नरेश
नरेश

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