‘मदर्स अगेंस्ट वेपिंग’ ने आईपीएल मैच के दौरान रियान पराग के ‘वेपिंग’ वीडियो की जांच की मांग की

‘मदर्स अगेंस्ट वेपिंग’ ने आईपीएल मैच के दौरान रियान पराग के ‘वेपिंग’ वीडियो की जांच की मांग की

‘मदर्स अगेंस्ट वेपिंग’ ने आईपीएल मैच के दौरान रियान पराग के ‘वेपिंग’ वीडियो की जांच की मांग की
Modified Date: April 30, 2026 / 02:46 pm IST
Published Date: April 30, 2026 2:46 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच के दौरान क्रिकेटर रियान पराग द्वारा कथित तौर पर ‘वेप’ जैसे उपकरण का इस्तेमाल किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद एक महिला संगठन ने बृहस्पतिवार को इसकी जांच की मांग की और सवाल उठाया कि क्या यह घटना प्रतिबंधित उत्पादों को सामान्य बनाने के प्रयास का हिस्सा थी।

वेप और ई-सिगरेट जैसे नए जमाने के निकोटीन युक्त उपकरणों के प्रचार का विरोध करने वाले महिला संगठन ‘मदर्स अगेंस्ट वेपिंग’ ने कहा कि इस घटना की गहन जांच किए जाने की आवश्यकता है।

घटना 28 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच हुए मैच के दौरान हुई। सीधे प्रसारण के दौरान रिकॉर्ड हुए वीडियो में 24 वर्षीय पराग ड्रेसिंग रूम के अंदर कथित तौर पर ‘वेप’ जैसे उपकरण का इस्तेमाल करते दिखते हैं।

बीसीसीआई के अधिकारियों ने राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान से स्पष्टीकरण मांगा है। संगठन ने खिलाड़ी के खिलाफ अब तक कोई औपचारिक नोटिस जारी न किए जाने पर चिंता व्यक्त की है।

संगठन ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध है, जिसमें इसका उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन शामिल हैं।

संगठन ने कुछ खबरों में किए गए उन दावों को भी खारिज किया जिनमें कहा गया है कि बंद क्षेत्र ‘वेपिंग’ करना ‘‘ग्रे जोन’’ में आता है। इसने ऐसे दावों को ‘‘गलत जानकारी’’ करार दिया।

संगठन ने अपने बयान में कहा, ‘‘केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी रूप में या मात्रा में ई-सिगरेट रखना कानून का उल्लंघन है। कानून में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उल्लंघन करने पर छह महीने तक की कैद या 50,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं, जबकि प्रतिबंध का व्यापक उल्लंघन करने पर एक साल तक की कैद या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं, तथा बार-बार अपराध करने पर सजा और भी कड़ी हो सकती है।’’

संगठन के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘भारत में कानून सर्वोपरि है। चाहे कोई बड़ा आदमी हो या आम नागरिक, सभी पर एक ही नियम लागू होने चाहिए।’’

संगठन ने 2019 में प्रतिबंध लगाने के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणियों का भी हवाला दिया, जब उन्होंने ई-सिगरेट को ‘फैशन स्टेटमेंट’ के रूप में पेश किए जाने के खिलाफ चेतावनी देते हुए इसे ‘‘नशे का एक नया तरीका’’ बताया था।

इसने कहा कि राष्ट्रीय टेलीविजन पर एक चर्चित क्रिकेटर के आसपास ‘वेप’ जैसे उपकरण की मौजूदगी लाखों युवा दर्शकों को गलत संदेश दे सकती है।

संगठन ने इस घटना की जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि क्या यह ‘‘जानबूझकर कानून का उल्लंघन था या लापरवाही से हुई गलती, अथवा प्रतिबंधित उत्पाद के प्रचार के लिए किया गया सुनियोजित प्रयास’’ था।

बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) द्वारा इस मामले का संज्ञान लिए जाने की सराहना करते हुए महिला संगठन ने क्रिकेट बोर्ड से इस मामले में ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ का रुख अपनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

भाषा सुरभि नेत्रपाल

नेत्रपाल


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