भारत के कानून व संस्कृति का पालन करने वाले मुसलमानों को ‘कोई समस्या नहीं होगी’: हिमंत
भारत के कानून व संस्कृति का पालन करने वाले मुसलमानों को 'कोई समस्या नहीं होगी': हिमंत
पाथारकांदि, एक सितंबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि देश के कानून और संस्कृति का पालन करने वाले मुसलमानों को ‘‘कोई समस्या’’ नहीं होगी।
शर्मा ने एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत में वहां मौजूद एक मुस्लिम पत्रकार का जिक्र करते हुए कहा कि जब अजहरुद्दीन रवींद्रनाथ टैगोर की प्रशंसा में गीत गाएंगे, ‘‘तो भारत में सब कुछ भारतीय बन जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम कहते आए हैं कि जो मुसलमान भारत को अपना मानते हैं, वे हमारे साथ हैं। अगर वे भारत में रहते हैं, तो उन्हें इस देश के कानून और संस्कृति का पालन करना होगा। तब कोई समस्या नहीं होगी। आप बराक में रहकर बांग्लादेश का रेडियो सुनेंगे, यह नहीं चलेगा। आपको भारत का रेडियो सुनना होगा।’’
विकास कार्यों से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चीज़ का ध्यान रखा जाएगा।
इसके बाद शर्मा ने पत्रकार का नाम पूछा, जिन्होंने खुद को अजहरुद्दीन बताया। इस पर मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा, ‘‘आपका नाम अजहरुद्दीन है, इसलिए आप ऐसे सवाल पूछ रहे हैं। तभी आपमें कुछ गड़बड़ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब अजहरुद्दीन रवींद्रनाथ टैगोर का ‘जयगान’ गाएंगे, तभी भारत में सब कुछ भारतीय होगा। जब तक अजहरुद्दीन करीमगंज के पक्ष में बोलते रहेंगे, तब तक ऐसा नहीं होगा।’’
मुख्यमंत्री करीमगंज जिले का नाम बदलकर श्रीभूमि करने के मुद्दे का जिक्र कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘अजहरुद्दीन को भी टैगोर के पक्ष में खड़ा होना चाहिए, तभी हिंदू-मुस्लिम एक होंगे।’’
पत्रकार से हाथ मिलाते हुए शर्मा ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम लिया और कहा, ‘‘वह बड़े क्रिकेट खिलाड़ी थे। लेकिन अंत में मैच फिक्सिंग में फंस गए।’’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बंगाली हिंदू असम में पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि असमिया हिंदू, बंगाली हिंदू और तमिल हिंदू के तौर पर वर्गीकरण करना गलत है, सभी हिंदू एक हैं।
अद्यतन राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में शामिल नहीं हुए हिंदुओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला मुझ पर छोड़ दीजिए।’’
शर्मा ने रविवार को कहा था कि बांग्ला भाषी हिंदू पिछले एक दशक से राज्य में ‘‘सबसे आराम से’’ रह रहे हैं।
भाषा
नोमान माधव
माधव

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