वंदे मातरम् ‘थोपे जाने’ के विरोध में नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन का विधानसभा तक मार्च
वंदे मातरम् ‘थोपे जाने’ के विरोध में नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन का विधानसभा तक मार्च
कोहिमा, एक सितंबर (भाषा) नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) ने आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के गायन के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने की मांग को लेकर मंगलवार को नगालैंड विधानसभा तक मार्च निकाला।
संगठन ने कहा कि उसका विरोध देश का अपमान करने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि यह गीत उनके ‘‘धर्म और आस्था के खिलाफ’’ है।
ईसाई बहुल नगालैंड में विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों ने ‘नगा सॉलिडेरिटी पार्क’ से विधानसभा तक मार्च निकाला और नारे लगाए। एनएसएफ के अध्यक्ष मतेइसुडिंग ने कहा कि छात्र संगठन नगा लोगों के अधिकारों और धार्मिक मान्यताओं से समझौता नहीं करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम वंदे मातरम् को थोपे जाने को पूरी तरह नकारते हैं, क्योंकि यह हमारे धर्म के खिलाफ है।’’ हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विरोध का उद्देश्य देश या राष्ट्रगीत का अपमान करना नहीं है।
मतेइसुडिंग ने नगा लोगों से ‘‘अपने धर्म और आस्था की रक्षा के अधिकार’’ के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने नगा विधायकों से भी अपनी धार्मिक मान्यताओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘वे पहले ईसाई हैं, उसके बाद नेता।’’
एनएसएफ अध्यक्ष ने कहा कि संगठन की मांग है कि विधानसभा राज्य में आधिकारिक के साथ-साथ निजी कार्यक्रमों में भी वंदे मातरम् के गायन या उसे बजाए जाने के खिलाफ प्रस्ताव पारित करे।
उन्होंने यह भी बताया कि एनएसएफ ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें उनसे वंदे मातरम् को थोपे जाने के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने कहा कि जब तक यह प्रस्ताव पारित नहीं हो जाता, एनएसएफ अपना विरोध जारी रखेगा और विधानसभा के द्वार के बाहर डटा रहेगा।
नगालैंड विधानसभा का मानसून सत्र बृहस्पतिवार को समाप्त होगा।
भाषा गोला सिम्मी
सिम्मी

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