‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के प्रतिनिधित्व की दिशा में ऐतिहासिक कदम : भाजपा

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के प्रतिनिधित्व की दिशा में ऐतिहासिक कदम : भाजपा

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के प्रतिनिधित्व की दिशा में ऐतिहासिक कदम : भाजपा
Modified Date: April 14, 2026 / 05:02 pm IST
Published Date: April 14, 2026 5:02 pm IST

नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को विधायी निकायों में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम करार दिया।

केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण के प्रावधान वाला यह अधिनियम केवल महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि फैसले लेने में उनकी अधिक भूमिका का विस्तार करने के लिए भी है।

खडसे ने कहा कि सरकार इस अधिनियम को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रही है, जिसके लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद की बैठक बुलाई गई है।

उन्होंने कहा, “यह भारत के लोकतंत्र में लिए गए सबसे ऐतिहासिक फैसलों में से एक है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार के नेतृत्व में देश की सभी महिलाओं के लिए एक निर्णायक कदम के रूप में उठाया गया है।”

खडसे ने कहा, “आज महिलाएं लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में खुद अपना प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभाओं की 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। यह अधिनियम केवल सीटों की संख्या बढ़ाने के बारे में नहीं है, बल्कि फैसले लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की मजबूत भूमिका सुनिश्चित करने के बारे में भी है।”

उन्होंने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की नींव 2014 में रखी गई थी, जब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे।

खडसे ने कहा, “हालांकि, इस फैसले को अब लागू किया जा रहा है, लेकिन इसकी नींव 2014 में रखी गई थी, जब प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से महिलाओं से संबंधित मुद्दों को संबोधित करना शुरू किया था, जिसके बाद कई पहलों की शुरुआत की गई।”

उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशत में महिलाओं की हिस्सेदारी पहले से ही लगभग 50 फीसदी है और उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

खडसे ने कहा, “जब हम एक विकसित भारत की बात करते हैं, तो नीति निर्माण में महिलाओं की बहुत अहम भूमिका होगी। चुनावों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पहले से ही लगभग 50 प्रतिशत है और हाल के वर्षों में उनकी भागीदारी बढ़ रही है।”

उन्होंने कहा, “महिलाओं को इस आरक्षण के जरिये लोकसभा और विधानसभाओं में उनका उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करने का यह सही समय है।”

खडसे ने प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी योजनाओं के साथ-साथ ‘लखपति दीदी’ जैसी पहलों और स्वयं सहायता समूहों के विस्तार का हवाला देते हुए महिला नेतृत्व वाले विकास पर सरकार के जोर देने को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा, “यह पैसला किसी एक पार्टी या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि देश की सभी महिलाओं के लिए है, ताकि महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया जा सके और देश को विकास के पथ पर आगे ले जाया जा सके।”

भाषा पारुल वैभव

वैभव


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