ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार : सात श्रेणियों में 17 परियोजनाएं या पहल चुनी गईं
ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार : सात श्रेणियों में 17 परियोजनाएं या पहल चुनी गईं
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) ‘ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार-2026’ के लिए सात श्रेणियों में कुल 17 परियोजनाओं या पहल का चयन किया गया है। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।
डिजिटल शासन को बढ़ावा देने और ई-गवर्नेंस पहल के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता को मान्यता प्रदान करने के लिए हर साल ‘ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार’ दिए जाते हैं।
साल 2026 में 29वें ‘ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार’ में ग्राम पंचायत श्रेणी भी शामिल की गई है, जो डिजिटलीकरण के जरिये जमीनी स्तर पर सेवा वितरण को गहरा और व्यापक बनाने के प्रयासों को मान्यता देती है।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ‘एग्री स्टैक’ परियोजना, उत्तर प्रदेश में प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से आयोजित ‘महाकुंभ-2025’ और त्वरित, सुरक्षित एवं स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए केरल विकास एवं नवाचार रणनीतिक परिषद (के-डीआईएससी) का ‘ब्लड बैग ट्रेसिबिलिटी और सिटिजन इंटरैक्शन’ पोर्टल इस साल के पुरस्कार विजेताओं में शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि महाकालेश्वर मंदिर सहित महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र (एमआरआईडीए) के लिए उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल भवन स्थित महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली ‘त्रिनेत्र’ और ‘विकसित भारत’ के लिए पंचायती राज मंत्रालय की डेटा आधारित शासन पहल ‘पंचायत उन्नति सूचकांक’ को भी ‘ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार-2026’ के लिए चुना गया है।
बयान के अनुसार, पुरस्कार समारोह का आयोजन राजस्थान के जयपुर में प्रस्तावित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान होगा। हालांकि, बयान में कार्यक्रम की तारीख का जिक्र नहीं किया गया है।
‘ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार’ के तहत स्वर्ण पुरस्कार विजेताओं को 10 लाख रुपये और रजत पुरस्कार विजेताओं को पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ एक ट्रॉफी और प्रमाणपत्र दिया जाता है।
भाषा पारुल माधव
माधव

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