भारत की सांस्कृतिक चेतना का आधार है राष्ट्रवाद: अजेय कुमार

भारत की सांस्कृतिक चेतना का आधार है राष्ट्रवाद: अजेय कुमार

भारत की सांस्कृतिक चेतना का आधार है राष्ट्रवाद: अजेय कुमार
Modified Date: July 6, 2026 / 07:33 pm IST
Published Date: July 6, 2026 7:33 pm IST

जयपुर, छह जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई के महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रवाद केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का आधार है

वह जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर यहां आयोजित छात्र सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें डॉ. मुखर्जी के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। राष्ट्रवाद केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का आधार है।’’

उन्होंने कहा कि जब युवा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं, तभी समाज और देश सशक्त बनता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता इसी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।

पार्टी के बयान के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है।

राठौड़ ने कहा कि डॉ मुखर्जी ने सत्ता या पद की नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की राजनीति की, आज देश का युवा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत जिस आत्मविश्वास के साथ विश्व पटल पर आगे बढ़ रहा है उसमें डॉ. मुखर्जी के विचारों और संकल्पों की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।

भाषा पृथ्वी राजकुमार

राजकुमार


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