राकांपा नेताओं ने विलय की संभावना पर चुप्पी साधी, पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा होने की उम्मीद नहीं

राकांपा नेताओं ने विलय की संभावना पर चुप्पी साधी, पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा होने की उम्मीद नहीं

राकांपा नेताओं ने विलय की संभावना पर चुप्पी साधी, पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा होने की उम्मीद नहीं
Modified Date: January 31, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: January 31, 2026 8:37 pm IST

मुंबई/नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को पार्टी के प्रतिद्वंद्वी गुटों के विलय की संभावनाओं पर सतर्कतापूर्ण चुप्पी साधे रखी, जबकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें निकट भविष्य में ऐसा होने की कोई उम्मीद नहीं है।

दूसरी ओर, राकांपा (शप) के नेताओं ने दावा किया कि अजित पवार दोनों गुटों के विलय की इच्छा रखते थे लेकिन पार्टी प्रमुख शरद पवार ने स्वीकार किया कि अब इस प्रक्रिया में बाधा आ सकती है।

राकांपा के एक गुट का नेतृत्व अजित पवार कर रहे थे और दूसरे गुट की कमान उनके चाचा शरद पवार के पास है।

अजित पवार का दो दिन पहले विमान दुर्घटना में निधन हो गया था।

अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने शनिवार शाम को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र में ‘महायुति’ सरकार के हिस्से के रूप में राकांपा ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।

गोयल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में, राकांपा के दोनों गुटों के विलय की चर्चा पर एक सवाल के जवाब में कहा, “व्यक्तिगत रूप से मुझे ऐसा होता नजर नहीं आ रहा।”

उन्होंने कहा कि राकांपा का नेतृत्व ‘‘पहले अजित पवार के पास था और अब सुनेत्रा पवार जी के पास है।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल को राकांपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि शरद पवार को राकांपा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा क्योंकि उन्होंने जनता का विश्वास खो दिया है।”

मुंबई में राकांपा नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले हुई एक उच्च स्तरीय बैठक से बाहर निकलते हुए तटकरे ने कहा, ‘इस मामले पर अभी हमारे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।’

राकांपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने संकेत दिया कि उनकी प्राथमिकता सत्तारूढ़ भाजपा-राकांपा-शिवसेना गठबंधन के भीतर स्थिरता बनाए रखना है।

राकांपा(शप) प्रमुख शरद पवार ने आज सुबह बारामती में कहा कि अजित पवार और राकांपा (शप) नेता जयंत पाटिल पिछले चार महीनों से विलय की रूपरेखा पर चर्चा कर रहे थे।

शरद पवार ने कहा, ‘‘सभी चर्चाएं उनके स्तर पर हुईं, लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि विमान दुर्घटना के बाद प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन दुर्घटना ने प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों गुटों को एकजुट करना अजित की इच्छा थी, और अब हमारी आकांक्षा है कि उनकी यह इच्छा पूरी हो।’’

ईश्वरपुर में जयंत पाटिल ने दावा किया कि विलय की रूपरेखा को जनवरी के मध्य में अंतिम रूप दे दिया गया था और 12 फरवरी को इसकी औपचारिक घोषणा की जानी थी।

पाटिल ने कहा कि उन्होंने अजित पवार के साथ कई बैठकें कीं, जो शरद पवार के मार्गदर्शन में दोनों पक्षों को फिर से एक साथ लाने पर ‘बहुत जोर’ दे रहे थे।

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में