एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने पुणे में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करने को कहा

एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने पुणे में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करने को कहा

एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने पुणे में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करने को कहा
Modified Date: May 3, 2026 / 12:59 pm IST
Published Date: May 3, 2026 12:59 pm IST

नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने महाराष्ट्र के पुणे में चार वर्षीय बच्ची से ‘‘बलात्कार और उसकी हत्या’’ की घटना को ‘‘बेहद दुखद’’ एवं ‘‘मानवता पर कलंक’’ बताया है।

पुलिस के अनुसार, पुणे की भोर तहसील में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 65 वर्षीय मजदूर ने शुक्रवार को बच्ची से कथित तौर पर बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी।

इसने बताया कि बच्ची को आरोपी कथित तौर पर खाने का लालच देकर मवेशियों के बाड़े में ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

रहाटकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शनिवार को एक पोस्ट में कहा कि पुणे के नसरापुर इलाके की यह घटना हृदयविदारक है और इसने समाज को झकझोर दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘नसरापुर (भोर, पुणे) में चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ क्रूरता और उसकी हत्या की घटना बेहद पीड़ादायक, हृदयविदारक और स्तब्ध करने वाली है। यह मानवता पर कलंक है।’’

एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने कहा कि पुणे ग्रामीण पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

रहाटकर ने कहा कि एनसीडब्ल्यू ने मामले का संज्ञान लिया है और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को पत्र लिखकर आवश्यक और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि यह भी सिफारिश की गई है कि मामले को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाया जाए और आरोपपत्र दाखिल किए जाने से लेकर त्वरित सुनवाई वाली विशेष अदालत में कार्यवाही तक इस पर करीब से नजर रखी जाए ताकि समयबद्ध न्याय सुनिश्चित हो सके।

एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने कहा कि न्याय दिलाना और आरोपी के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है।

आयोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसने इस अत्यंत ‘‘जघन्य’’ घटना का स्वत: संज्ञान लिया है।

इसने कहा, ‘‘यह जघन्य अपराध गहरा दुख और आक्रोश पैदा करता है तथा छोटी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताओं को रेखांकित करता है।’’

एनसीडब्ल्यू ने इस गंभीर ‘‘अमानवीय कृत्य’’ की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अपराध बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं और समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।

भाषा

सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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