एनजीटी ने उत्तराखंड वन विभाग के प्रमुख से वन अधिकारियों की जनगणना ड्यूटी पर मांगा जवाब

एनजीटी ने उत्तराखंड वन विभाग के प्रमुख से वन अधिकारियों की जनगणना ड्यूटी पर मांगा जवाब

एनजीटी ने उत्तराखंड वन विभाग के प्रमुख से वन अधिकारियों की जनगणना ड्यूटी पर मांगा जवाब
Modified Date: May 19, 2026 / 05:19 pm IST
Published Date: May 19, 2026 5:19 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जनगणना ड्यूटी के लिए वन अधिकारियों की तैनाती का मुद्दा रेखांकित करते हुए उत्तराखंड के वन विभाग के प्रमुख से जवाब तलब किया है।

अधिकरण ने उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें कहा गया था कि वन कर्मचारियों और विभाग के वाहनों को चुनाव या किसी अन्य कार्य के लिए अधिग्रहित नहीं लिया जाना चाहिए।

एनजीटी ऋषिकेश-देहरादून मार्ग स्थित बड़कोट वन क्षेत्र में सूखे पत्तों को जलाने से हुए पर्यावरणीय नुकसान से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा था।

न्यायिक सदस्य अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल तथा अफरोज अहमद की पीठ ने 13 मई के आदेश में कहा कि ‘न्याय मित्र’ के अनुसार, उत्तराखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) अथवा वन बल प्रमुख (एचओएफएफ) ने 25 मार्च को वन अधिकारियों को जनगणना ड्यूटी के लिए निर्देश दिया था।

पीठ ने कहा कि न्याय मित्र अधिवक्ता गौरव बंसल के अनुसार, मई 2024 में उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया था कि वन कर्मचारियों और वाहनों का इस्तेमाल चुनाव या चार धाम यात्रा जैसे अन्य उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाएगा।

पीठ ने इस दलील पर भी गौर किया कि मौजूदा मौसम में जंगल में आग लगने की आशंका के मद्देनजर वन अधिकारियों को जनगणना कार्य में तैनात नहीं किया जा सकता।

न्यायाधिकरण ने कहा, “प्रतिवादी संख्या-3, पीसीसीएफ (एचओएफएफ), देहरादून को निर्देश दिया जाता है कि वह उच्चतम न्यायालय के आदेशों के संदर्भ में जनगणना कार्य के लिए वन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति संबंधी 25 मार्च के आदेश पर अपना जवाब दाखिल करें।”

मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी।

भाषा खारी माधव

माधव


लेखक के बारे में