देहरादून में पेड़ों की कटाई, अतिक्रमण और अवैध खनन की जांच के लिए एनजीटी ने पैनल गठित किया

देहरादून में पेड़ों की कटाई, अतिक्रमण और अवैध खनन की जांच के लिए एनजीटी ने पैनल गठित किया

देहरादून में पेड़ों की कटाई, अतिक्रमण और अवैध खनन की जांच के लिए एनजीटी ने पैनल गठित किया
Modified Date: March 29, 2026 / 12:57 am IST
Published Date: March 29, 2026 12:57 am IST

नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने देहरादून के कोथल गेट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई, वन भूमि पर अतिक्रमण और अनधिकृत खनन के आरोपों का गंभीर संज्ञान लिया है।

न्यायाधिकरण ने एक संयुक्त समिति के गठन का निर्देश दिया है जो आठ सप्ताह के भीतर इस मामले पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

समिति में केंद्रीय पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, उत्तराखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक और देहरादून के जिलाधिकारी के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

नयी दिल्ली स्थित एनजीटी की मुख्य पीठ प्रदीप शर्मा द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि जैन डेवलपर्स नामक कंपनी ने न केवल वृक्षों की अवैध रूप से कटाई की है, बल्कि वन भूमि पर अतिक्रमण करने के अलावा अनधिकृत खनन में भी शामिल है।

यह भी कहा गया कि 2014 में जारी ‘कार्य रोको’ नोटिस के बावजूद ये गतिविधियां जारी रहीं। न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष), ए सेंथिल वेल (विशेषज्ञ सदस्य) और अफरोज अहमद (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने पाया कि यह मामला पर्यावरण मानकों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है।

न्यायाधिकरण ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए एक संयुक्त समिति गठित करने का निर्देश दिया। इसे घटनास्थल का निरीक्षण करने, आरोपों की सत्यता की पुष्टि करने, पर्यावरणीय क्षति की सीमा का आकलन करने, जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने और उपचारात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश करने का कार्य सौंपा गया है।

उन्होंने कहा कि समिति को आठ सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 17 जुलाई निर्धारित की गई है।

भाषा संतोष गोला

गोला


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