पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों के घेराव मामले में एनआईए ने 14 और लोगों को गिरफ्तार किया
पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों के घेराव मामले में एनआईए ने 14 और लोगों को गिरफ्तार किया
कोलकाता, 26 मई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विधानसभा चुनाव से पहले न्यायिक अधिकारियों के घेराव के मामले में 14 और लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि जिले के कालियाचक और मोथाबारी इलाकों में कई स्थानों पर तलाशी के बाद सोमवार रात ये गिरफ्तारियां की गईं।
अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही इस मामले में अब तक 68 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पिछले महीने मोथाबारी में न्यायिक अधिकारियों के कथित उत्पीड़न और उन्हें बंधक बनाए जाने की घटना में सीधी संलिप्तता थी।
अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रही भीड़ एक अप्रैल को हिंसक हो गई थी। भीड़ ने सड़कें अवरुद्ध कर दी थीं, वाहनों में तोड़फोड़ की थी और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था। इस दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को मोथाबारी स्थित ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय के भीतर बंधक बना लिया गया, जबकि आठवें अधिकारी को करीब नौ घंटे तक एक वाहन में रखा गया।
इन न्यायिक अधिकारियों को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए तैनात किया गया था। सुरक्षाबलों ने उन्हें देर रात बचाया था, जिसके बाद राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘एनआईए घटना से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पहले गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं जिनके आधार पर पिछले कुछ सप्ताह में कई गिरफ्तारियां की गई हैं।’’
उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।
इससे पहले गिरफ्तार किए गए लोगों में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के मोथाबारी उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली कादरी और आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी शामिल हैं।
भाषा सिम्मी वैभव
वैभव

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