केरल: प्रोफेसर का हाथ काटने के मामले में 15 मई को आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी करेगी एनआईए अदालत

केरल: प्रोफेसर का हाथ काटने के मामले में 15 मई को आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी करेगी एनआईए अदालत

केरल: प्रोफेसर का हाथ काटने के मामले में 15 मई को आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी करेगी एनआईए अदालत
Modified Date: May 2, 2026 / 11:46 am IST
Published Date: May 2, 2026 11:46 am IST

कोच्चि, दो मई (भाषा) कोच्चि की एक विशेष अदालत 2010 में प्रोफेसर टी जे जोसेफ का हाथ काटे जाने के मामले में मुख्य आरोपी के खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही पूरी करेगी। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं पर मुवत्तुपुझा में जोसेफ पर हमला करने का आरोप है।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) मामलों के लिए एर्नाकुलम विशेष न्यायालय के न्यायाधीश पी. के. मोहनदास ने 30 अप्रैल को आरोपियों सवाद और शफीर सी. के वकीलों की दलीलें सुनीं और दोनों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला किया।

जुलाई 2010 में एक समूह ने यह आरोप लगाते हुए थोडुपुझा न्यूमैन कॉलेज के प्रोफेसर जोसेफ का दाहिना हाथ काट दिया था कि उन्होंने जो प्रश्न पत्र तैयार किया था उसमें ईशनिंदा की गई थी।

बाद में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मामला अपने हाथ में लिया जिसने 19 लोगों को आरोपी बनाया।

पहले आरोपी सवाद ने जोसेफ की कथित तौर पर हथेली काटी। सवाद को जनवरी 2024 में कन्नूर के मट्टन्नूर जिले के बेर्रम में गिरफ्तार किया गया था जहां वह कथित तौर पर शाहजहां के छद्म नाम से छिपा हुआ था।

एनआईए ने शफीर को भी गिरफ्तार किया जिसने कन्नूर के मट्टन्नूर और चक्कड़ में सवाद को कथित तौर पर 2020 से पनाह और रसद संबंधी सहायता प्रदान की थी।

अदालत ने दोनों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए 30 अप्रैल को आरोपियों के वकील और एनआईए अभियोजक की दलीलें सुनीं।

अदालत ने कहा, ‘‘मामले से जुड़े दस्तावेजों और सबूतों की जांच करने तथा आरोपी के वकील और अभियोजक की दलीलें सुनने के बाद इस बात को मानने के पर्याप्त आधार हैं कि पहले आरोपी ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दंडनीय अपराध किए हैं और दूसरे आरोपी ने आईपीसी और यूएपीए के तहत दंडनीय अपराध किए हैं। इन धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।’’

अदालत ने निर्देश दिया कि सवाद को पेश किया जाए और वर्तमान में जमानत पर रिहा शफीर आरोप तय करने की प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने के लिए 15 मई को अदालत के समक्ष पेश हो।

आरोप तय करने के बाद अदालत मामले की सुनवाई की तारीख तय करेगी।

भाषा सुरभि सिम्मी

सिम्मी


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