बिहार में नीतीश का मास्टर स्ट्रोक, सियासी गलियारों में मचा भूचाल
बिहार में नीतीश का मास्टर स्ट्रोक, सियासी गलियारों में मचा भूचाल
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार देर शाम इस्तीफा दे दिया और इसी इस्तीफे के साथ नीतीश और लालू की दोस्ती की ताबूत में आखिरी कील ठोकी गई. इस्तीफे के बाद बयानों के तीर चलें. कुछ के दिल जले. लेकिन नीतीश अपने पुराने दोस्त के साथ एक बार फिर राजनीति की राह चल निकले.
बिहार में एक बार फिर नीतीश के मास्टर स्ट्रोक ने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है. आरजेडी से बढ़ रहे तकरार का खात्मा नीतीश के इस्तीफे से हुआ. इस बीच ही बीजेपी के समर्थन की बात सामने आने लगी. दिल्ली में बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट करके अपने पुराने साथी के फैसले का स्वागत किया. ऐसे में संकेत मिलने लगे कि इस बार कमल ने जो तीर छोड़ा था. वो सीधा जाकर लालटेन पर लगा.
सुशील मोदी ने भी नीतीश को समर्थन का ऐलान किया. जिसके बाद दोनों ही पार्टी की सहमति से नीतीश को विधायक दल का नेता चुना गया. आधी रात को नीतीश कुमार ने सुशील मोदी के साथ राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया और 132 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा. और गुरुवार की सुबह नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
वहीं इस सियासी उठापठक के बीच तेजस्वी ने भी सरकार बनाने का दावा ठोका और राज्यपाल से मिलने का समय मांगा. तेजस्वी की माने तो RJD प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी है. इसलिए बहुमत साबित करने का मौका पहले उन्हें ही मिलना चाहिए था. वहीं तेजस्वी ने ट्ववीट करके नीतीश पर निशाना साधा और राज्यपाल पर भी सवाल उठाए और लालू ने तो नीतीश को हत्या का आरोपी तक कह डाला.

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