एनएमसीजी ने नागरिकों से ‘आर्द्रभूमि मित्र’ बनने और बहाली प्रयासों में योगदान देने का आग्रह किया
एनएमसीजी ने नागरिकों से 'आर्द्रभूमि मित्र' बनने और बहाली प्रयासों में योगदान देने का आग्रह किया
नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) शहरी आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने सोमवार को अपनी ‘आर्द्रभूमि मित्र’ पहल के तहत नागरिकों के लिए शहरी आर्द्रभूमियों को पुनर्जीवित करने और उनकी रक्षा करने संबंधी एक चरणबद्ध मार्गदर्शिका साझा की।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मिशन ने कहा कि नागरिक आस-पास की झीलों, तालाबों और आर्द्रभूमि की पहचान करके समय के साथ तस्वीरों के माध्यम से उनकी स्थिति का दस्तावेजीकरण करके और स्थानीय बहाली प्रयासों के साथ औपचारिक रूप से जुड़कर ‘आर्द्रभूमि मित्र’ बनकर योगदान दे सकते हैं।
इस मिशन ने आर्द्रभूमि के संरक्षण के लिए छह चरणों वाला एक मॉडल भी साझा किया।
पोस्ट में कहा गया, ‘किसी मृतप्राय (सूख चुकी या प्रदूषित) झील को पुनर्जीवित करना कोई जादू की तरकीब नहीं है। यह केवल छह चरणों वाला एक सरल और सीधा मार्ग है।’
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप

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