केंद्रीय बजट में चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई

केंद्रीय बजट में चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई

केंद्रीय बजट में चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई
Modified Date: February 1, 2026 / 02:55 pm IST
Published Date: February 1, 2026 2:55 pm IST

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय बजट में इस बार चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई। अमेरिका द्वारा ईरान पर नये प्रतिबंध लगाये जाने की पृष्ठभूमि में यह कदम उठाया गया है।

भारत पिछले कुछ वर्षों से ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में जारी विशाल कनेक्टिविटी परियोजना पर प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। चाबहार बंदरगाह के विकास में भारत एक प्रमुख साझेदार है।

पिछले वर्ष सितंबर में अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन चाबहार बंदरगाह परियोजना पर लागू प्रतिबंधों से भारत को छह महीने की छूट दी थी। यह छूट 26 अप्रैल को समाप्त हो जाएगी।

पिछले महीने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत चाबहार बंदरगाह परियोजना से संबंधित मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।

ऐसी जानकारी मिली है कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर ट्रंप प्रशासन द्वारा 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाये जाने की धमकी के बाद भारत इस परियोजना से संबंधित विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है।

भारत और ईरान मिलकर चाबहार बंदरगाह का विकास कर रहे हैं ताकि कनेक्टिविटी और व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिल सके। दोनों देश चाबहार बंदरगाह को अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (आईएनएसटीसी) का अभिन्न अंग बनाने के लिए भी पुरजोर प्रयास कर रहे हैं।

आईएनएसटीसी भारत, ईरान, अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप के बीच माल ढुलाई के लिए 7,200 किलोमीटर लंबी परिवहन परियोजना है।

भाषा शोभना सुभाष

सुभाष


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