(तस्वीर के साथ)
जम्मू, सात फरवरी (भाषा) जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि सरकार का फिलहाल नयी प्रशासनिक इकाइयों के गठन का कोई इरादा नहीं है और वह पहले से स्वीकृत इकाइयों को सुचारू रूप से चलाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर में नई प्रशासनिक इकाइयों की मांग को लेकर विधानसभा में सदस्यों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे।
उन्होंने सदन में कहा, “यह मुद्दा यहीं समाप्त हो जाना चाहिए। फिलहाल सरकार का नयी प्रशासनिक इकाइयां खोलने का कोई इरादा नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से गठित इकाइयां ठीक से चालू नहीं हो पाई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन्हें चालू करना, इन्हें सुचारू रूप से चलाना और जहां भी कमियां हैं, वहां व्यवस्थाएं लागू करना हमारी जिम्मेदारी है।’’
अब्दुल्ला ने कहा कि विधायकों ने शिकायत की है कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में स्थापित की गयी इकाइयां चालू नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा, “जो इकाइयां खोली गई हैं, वे चालू नहीं हुई हैं। हमारी पहली जिम्मेदारी उन्हें चालू करना है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इन प्रशासनिक इकाइयों के चालू हो जाने के बाद, जहां भी नई प्रशासनिक इकाइयां स्थापित करने की आवश्यकता होगी, हम आवश्यक कदम उठाएंगे।”
विधानसभा में विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और मनमाने ढंग से नई प्रशासनिक इकाइयां नहीं बनाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर, 2014 को नौ नए उप-मंडल, 50 तहसील और 99 नियाबत स्वीकृत किए गए थे, जिसके तहत लोहाई और दुग्गन को भी तहसील बनाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आदेश बाद में 2018 में स्थगित कर दिया गया था, लेकिन कुपवाड़ा ज़िले के विलगाम और क़लामाबाद, बारामूला ज़िले के सिंहपोरा और नरवाव, डोडा ज़िले के भेला तथा रामबन ज़िले के रामसू में बनाए गए तहसील इससे अलग रहे और वहाँ यह आदेश लागू रहा।
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप