संविधान संशोधन विधेयक का पारित नहीं होना ‘लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन’ है: प्रमोद सावंत

संविधान संशोधन विधेयक का पारित नहीं होना 'लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन' है: प्रमोद सावंत

संविधान संशोधन विधेयक का पारित नहीं होना ‘लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन’ है: प्रमोद सावंत
Modified Date: April 18, 2026 / 12:13 am IST
Published Date: April 18, 2026 12:13 am IST

पणजी, 17 अप्रैल (भाषा) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 2029 से आरक्षण लागू करने और लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के निम्न सदन में पारित नहीं होने पर प्रतिक्रिया देते हुए गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को इसे ‘‘लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन’’ बताया।

सावंत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि लोग यह नहीं भूलेंगे कि किसने महिला सशक्तीकरण का समर्थन किया और किसने इसका विरोध किया।

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र के लिए दुखद दिन। यह बेहद निराशाजनक है कि कांग्रेस और उनके गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक के खिलाफ मतदान करना चुना।’

सावंत ने कहा, “ऐसे समय में जब देश निर्णय लेने में महिलाओं के लिए अधिक प्रतिनिधित्व और सम्मान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है, यह विरोध एक चिंताजनक मानसिकता को उजागर करता है। इस तरह के परिवर्तनकारी सुधार को रोकना केवल राजनीतिक दिखावा नहीं है, बल्कि यह देशभर में लाखों महिलाओं के लिए अवसर, आवाज और उचित भागीदारी से सीधा इनकार करना है।”

भाषा

प्रचेता खारी

खारी


लेखक के बारे में