महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं करना ‘नारी शक्ति’ के साथ घोर विश्वासघात: ओडिशा के मुख्यमंत्री

महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं करना ‘नारी शक्ति’ के साथ घोर विश्वासघात: ओडिशा के मुख्यमंत्री

महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं करना ‘नारी शक्ति’ के साथ घोर विश्वासघात: ओडिशा के मुख्यमंत्री
Modified Date: April 18, 2026 / 02:25 pm IST
Published Date: April 18, 2026 2:25 pm IST

भुवनेश्वर, 18 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि 2029 से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक का पारित नहीं होना ‘नारी शक्ति’ और समावेशी भारत की आकांक्षाओं के साथ ‘‘घोर विश्वासघात’’ है।

माझी ने यह भी कहा कि जो लोग महिलाओं के सशक्तीकरण में बाधा डालेंगे, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शुक्रवार को एक पोस्ट में कहा, ‘‘लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को विपक्ष द्वारा शर्मनाक तरीके से बाधित करना ‘नारी शक्ति’ और समावेशी भारत की आकांक्षाओं के साथ घोर विश्वासघात है। प्रगति के बजाय तुच्छ राजनीति को प्राथमिकता देकर उन्होंने महिलाओं को उनके उचित संवैधानिक स्थान से वंचित करने का प्रयास किया है।’’

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 2029 से 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने तथा लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के संबंध में लाया गया संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को गिर गया। सत्तारूढ़ दल ने जोर देकर कहा है कि महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

विधेयक के पक्ष में 298 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से विधेयक को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 मतों की आवश्यकता थी।

माझी ने कहा, ‘‘इतिहास में यह रुकावट दर्ज होगी और इस ऐतिहासिक सुधार के रास्ते में बाधा डालने वालों को इस देश की महिलाओं द्वारा जवाबदेह ठहराया जाएगा।’’

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक पर बीजू पटनायक की विरासत और ओडिशा की महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।

पार्टी ने कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने और विधेयक का विरोध करने के लिए बीजद की आलोचना की।

भाजपा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘नवीन बाबू, सच्चे सशक्तीकरण का अर्थ है-महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना, न कि केवल खोखले दावे करना। बीजू बाबू की जयंती पर राज्यसभा के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करना और फिर उनकी पुण्यतिथि पर इस महत्वपूर्ण महिला अधिकार विधेयक का विरोध करने के लिए उनके साथ जुड़ना, उनकी विरासत और ओडिशा की महिलाओं के साथ विश्वासघात है।’’

पार्टी ने कहा कि देश की सच्ची प्रगति महिलाओं की ताकत और आवाज पर निर्भर करती है।

पार्टी ने कहा, ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ खड़े होकर बीजद-कांग्रेस गठबंधन लाखों महिलाओं को भारत के भविष्य का नेतृत्व करने और उसे आकार देने की शक्ति से सक्रिय रूप से वंचित कर रहा है!’’

ओडिशा की उप मुख्यमंत्री प्रभाती परिड़ा ने कहा, ‘‘जो राजनीतिक दल सस्ती राजनीति के लिए महिला सशक्तीकरण के खिलाफ साजिश रच रहे हैं, उन्हें इसका जवाब जरूर मिलेगा।’’

परिड़ा ने लोकसभा में विधेयक के गिरने को देश के लोकतंत्र के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण क्षण बताया।

भाषा सुरभि सिम्मी

सिम्मी


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