झारखंड के हजारीबाग में एनटीपीसी अधिकारी की गोली मारकर हत्या, छह लोग हिरासत में
झारखंड के हजारीबाग में एनटीपीसी अधिकारी की गोली मारकर हत्या, छह लोग हिरासत में
हजारीबाग, आठ मार्च (भाषा) झारखंड के हजारीबाग जिले में शनिवार को मोटरसाइकिल सवार दो बंदूकधारियों ने राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के 42 वर्षीय एक अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी।
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि एनटीपीसी की केरेडारी कोयला खदान परियोजना में उपमहाप्रबंधक (डिस्पैच) के पद पर तैनात कुमार गौरव की हत्या के सिलसिले में पूछताछ के लिए छह लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे कटकमदाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत फतह मोड़ के पास बंदूकधारियों ने गौरव की कार रोकी और उन पर गोलियां चला दीं।
उन्होंने बताया कि उस समय गौरव हजारीबाग शहर स्थित अपने आवास से कोयला खदान स्थल की ओर जा रहे थे।
सिंह ने बताया कि जिस कार में गौरव यात्रा कर रहे थे उसका चालक घटना के बाद से लापता है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की जांच के लिए बड़कागांव अनुमंडल पुलिस अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।
हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए तलाश अभियान शुरू कर दिया गया है।
भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घटना की निंदा की और राज्य के पुलिस महानिदेशक से कोयला खदान क्षेत्रों में सभी परियोजना अधिकारियों, कर्मचारियों और व्यवसायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मरांडी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं हजारीबाग में एनटीपीसी कोयला परियोजना के डीजीएम गौरव कुमार की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से स्तब्ध हूं।’’
उन्होंने कहा कि शनिवार को रांची में कोयला व्यापारी पर हमले के बाद भी पुलिस सतर्क नहीं रही।
मरांडी ने आरोप लगाया, ‘‘आखिरकार अपराधियों ने एक होनहार अधिकारी का जीवन समाप्त कर दिया। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के शासन में अपराधियों का हौसला बढ़ गया है।’’
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया, ‘‘झारखंड में सरकारी तंत्र के संरक्षण में धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और चतरा से प्रतिदिन हजारों ट्रक कोयला चोरी हो रहा है और इस चोरी से प्राप्त धन की ऊपर से नीचे तक बंदरबांट हो रही है। अगर यह चोरी नहीं रोकी गई तो इसी तरह लोगों की जान जाती रहेगी।’’
भाषा नेत्रपाल पवनेश
पवनेश

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