ओडिशा: राष्ट्रीय पक्षी दिवस के अवसर पर गौरैया संरक्षण के लिए गांव में रखे गए कृत्रिम घोंसले

ओडिशा: राष्ट्रीय पक्षी दिवस के अवसर पर गौरैया संरक्षण के लिए गांव में रखे गए कृत्रिम घोंसले

ओडिशा: राष्ट्रीय पक्षी दिवस के अवसर पर गौरैया संरक्षण के लिए गांव में रखे गए कृत्रिम घोंसले
Modified Date: January 5, 2026 / 09:49 pm IST
Published Date: January 5, 2026 9:49 pm IST

ब्रह्मपुर (ओडिशा), पांच जनवरी (भाषा) ओडिशा के एक गांव में वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय पक्षी दिवस के अवसर पर सोमवार को गौरैया के संरक्षण के प्रयास के मकसद से कई घरों में कृत्रिम घोंसले स्थापित किए।

कार्यकर्ताओं ने गंजाम जिले के बासुदेवपुर गांव में घोंसले रखे और खासकर महिलाओं समेत कई ग्रामीणों ने इस पक्षी के संरक्षण में रुचि दिखाई है।

राष्ट्रीय पक्षी दिवस पांच जनवरी को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण तथा उनके पारिस्थितिकी महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करना है।

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गौरैया के संरक्षण के लिए काम करने वाले संगठन आंचलिक विकास परिषद के अध्यक्ष सागर कुमार पात्रा ने कहा, ‘‘गंजाम जिले के लगभग 40 गांवों में हमने अब तक 6,000 से अधिक पर्यावरण अनुकूल कृत्रिम घोंसले और फीडर बॉक्स स्थापित किए हैं।’’

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की बढ़ती मांग को देखते हुए वे आने वाले दिनों में कई स्थानों पर कुछ और कृत्रिम घोंसले स्थापित करेंगे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कृत्रिम घोंसले लगाए जाने के बाद इन गांवों में गौरैया की आबादी कई गुना बढ़ गई है, जबकि ग्रामीणों ने उन्हें भोजन और सुरक्षा प्रदान की है।

संगठन ने गौरैया संरक्षण अभियान की शुरुआत 2012 में बागाहाझारी गांव से की थी। इस अभियान के तहत ग्रामीणों को घरों के सामने लटकाने के लिए मिट्टी के बर्तन और कृत्रिम घोंसले वितरित किए गए थे ताकि गौरैया आकर्षित हों। बर्तनों को इस तरह सजाया जाता है कि पक्षी उनमें प्रजनन के लिए आकर्षित हों।

भाषा यासिर वैभव

वैभव


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