ओडिशा: जीआरपी कांस्टेबल से घरेलू काम कराने के आरोप में आईपीएस अधिकारी जांच के दायरे में

ओडिशा: जीआरपी कांस्टेबल से घरेलू काम कराने के आरोप में आईपीएस अधिकारी जांच के दायरे में

ओडिशा: जीआरपी कांस्टेबल से घरेलू काम कराने के आरोप में आईपीएस अधिकारी जांच के दायरे में
Modified Date: June 7, 2026 / 09:07 pm IST
Published Date: June 7, 2026 9:07 pm IST

भुवनेश्वर, सात जून (भाषा) ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने पिछले महीने पीटकर मार डाले गए जीआरपी कांस्टेबल को अवैध रूप से घरेलू काम में लगा रखा था।

इस मामले की जांच का जिम्मा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेलवे और तटीय सुरक्षा) अरुण बोथा को सौंपा गया है। उनसे एडीजी रैंक के अधिकारी दयाल गंगवार के खिलाफ लगे आरोपों की विस्तृत जांच करने को कहा गया है।

यह घटनाक्रम राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के समक्ष भजमान बिस्वाल द्वारा दायर एक याचिका के बाद सामने आया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गंगवार ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कांस्टेबल सौम्यरंजन स्वैन को आधिकारिक कर्तव्यों से परे घरेलू काम में लगा रखा था।

स्वैन की सात मई को भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालीआंता में भीड़ द्वारा कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

स्वैन के माता-पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि गंगवार ने उनके बेटे को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसमें उसे घर के निजी काम करने के लिए मजबूर करना भी शामिल है।

आरोपों के बाद, राज्य सरकार ने गंगवार का तबादला कर उन्हें गृह विभाग में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात कर दिया।

यह भी आरोप है कि एडीजी (रेलवे) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, गंगवार ने स्वैन सहित कई जीआरपी कर्मियों को घरेलू कार्य में लगा रखा था।

इस बीच, कांस्टेबल के मारे जाने की घटना की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही एनएचआरसी की एक टीम ने गंगवार से पूछताछ की है और मृतक कांस्टेबल के परिवार के सदस्यों, उसकी प्रेमिका, एक एम्बुलेंस चालक और कांस्टेबल पर बलात्कार के प्रयास का आरोप लगाने वाली दो महिलाओं के बयान दर्ज किए हैं।

गत सात मई को बालीआंता थाना क्षेत्र में स्वैन की मोटरसाइकिल कथित तौर पर दो महिलाओं को ले जा रही स्कूटी से टकरा गई, जिसके बाद भीड़ ने कांस्टेबल पर बलात्कार के प्रयास का आरोप लगाते हुए हमला किया।

अपराध शाखा कांस्टेबल को भीड़ द्वारा पीटकर मार दिए जाने, और उस पर लगाए गए बलात्कार के प्रयास के आरोपों से जुड़े मामलों की जांच कर रही है।

पीटकर कांस्टेबल को मार देने की घटना में अब तक कम से कम 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

भाषा नेत्रपाल प्रशांत

प्रशांत


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