ओडिशा कंकाल मामला: पटनायक ने सीतारमण से हस्तक्षेप का अनुरोध किया

ओडिशा कंकाल मामला: पटनायक ने सीतारमण से हस्तक्षेप का अनुरोध किया

ओडिशा कंकाल मामला: पटनायक ने सीतारमण से हस्तक्षेप का अनुरोध किया
Modified Date: May 2, 2026 / 03:59 pm IST
Published Date: May 2, 2026 3:59 pm IST

भुवनेश्वर, दो मई (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नवीन पटनायक ने ओडिशा की एक घटना से जुड़े मामले में शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से “सहानुभूतिपूर्वक हस्तक्षेप” का अनुरोध किया है, जिसमें एक व्यक्ति ने पैसा निकालने के लिए अपनी बहन का कंकाल निकालकर सबूत के तौर पर ग्रामीण बैंक के सामने पेश किया था।

पटनायक ने एक पत्र में सीतारमण से हाल ही में क्योंझर जिले में हुई इस घटना में तत्काल स्पष्ट जवाबदेही तय करने का आग्रह भी किया।

उन्होंने कहा, “मैं आपसे इस स्तब्धकारी घटना के लिए तत्काल स्पष्ट जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं। इससे सभी ग्रामीण बैंकों को यह संदेश जाएगा कि वे नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को सहानुभूति और संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित करें।”

पटनायक ने यह विश्वास भी जताया कि सीतारमण के ‘‘संवेदनशील हस्तक्षेप’’ से देश में कहीं भी लोगों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार दोबारा नहीं होगा।

बीजद प्रमुख ने कहा कि उन्होंने 27 अप्रैल को ओडिशा ग्रामीण बैंक की मल्लिपोसी शाखा में हुई घटना के संबंध में गहरी पीड़ा के साथ यह पत्र लिखा है।

पटनायक के अनुसार, जीतू मुंडा नामक व्यक्ति को बैंक से पैसे निकालने के लिए अपनी बहन का शव कब्र से निकालकर बैंक तक ले जाने के लिए मजबूर किया गया, ताकि उसकी मृत्यु का प्रमाण प्रस्तुत किया जा सके।

आदिवासी व्यक्ति मुंडा ने अपनी बहन कालरा मुंडा (56) के कंकाल अवशेषों को कब्र से निकाला, जिसकी जनवरी में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद वह करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर ओडिशा ग्रामीण बैंक की मल्लिपोसी शाखा तक पहुंचा और अधिकारी के सामने अवशेषों को उसकी मृत्यु के प्रमाण के रूप में पेश किया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पटनायक ने मामले में राज्य सरकार की जांच के निष्कर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए कई बार बैंक के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन अधिकारियों से न तो कोई सहायता मिली और न ही स्पष्टता। इसी के चलते उसे बहन का कंकाल साथ लेकर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बीजद प्रमुख ने कहा, ‘‘और भी चौंकाने वाली बात यह है कि बैंक ने इस अमानवीय व्यवहार को आरबीआई के दिशानिर्देशों का पालन बताकर सही ठहराने की कोशिश की। इससे यह स्पष्ट होता है कि बैंक अधिकारियों ने लोगों की सेवा करने के अपने दायित्व को नजरअंदाज करने की मंशा जाहिर की।”

इस बीच, पटनायक ने ‘फिजिक्स वाला’ के संस्थापक और सीईओ अलख पांडे की भी सराहना की, जिन्होंने जीतू मुंडा को 10 लाख रुपये दान किए।

पटनायक ने पांडे को लिखे पत्र में कहा, ‘‘आपने जीतू मुंडा को 10 लाख रुपये दान देकर मानवता दिखाई, जिससे मैं बहुत से प्रभावित हूं। उसने अपनी बहन के अवशेषों को कब्र से निकालकर बैंक में मृत्यु के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करने जैसी दुखद परिस्थिति का सामना किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह दिल दहला देने वाली घटना हम सभी की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली है। आपकी करुणा और उदारता का यह महान कार्य मानवता की एक मिसाल है, और मैं इसकी दिल से सराहना करता हूं।’’

इस पर जवाब देते हुए पांडे ने लिखा, ‘‘आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद। आपकी सराहना से मैं अभिभूत हूं। कठिन समय में मानवता के साथ खड़ा होना ही हम सबका कर्तव्य है।’’

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में