अभियान के पहले सात दिन में एक करोड़ एसआईआर गणना प्रपत्र बांटे गए: झारखंड सीईओ
अभियान के पहले सात दिन में एक करोड़ एसआईआर गणना प्रपत्र बांटे गए: झारखंड सीईओ
रांची, छह जुलाई (भाषा) झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के पहले सात दिन में 2.64 करोड़ मतदाताओं में से एक करोड़ से अधिक को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
राज्य में प्रपत्र वितरण प्रक्रिया 30 जून को शुरू हुई थी और 29 जुलाई तक जारी रहेगी, जिस दौरान बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर प्रपत्रों का वितरण, संग्रह और सत्यापन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पहले सप्ताह बीएलओ ने 39.73 प्रतिशत मतदाताओं यानी 1,05,13,490 मतदाताओं तक पहुंच बनाई है, जहां पात्र भारतीय नागरिकों को घर-घर जाकर प्रपत्र उपलब्ध कराए गए।’’
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का एसआईआर पूरी तरह सहभागितापूर्ण प्रक्रिया है और इसके सफल संचालन के लिए सभी की भागीदारी आवश्यक है।
कुमार ने कहा, ‘‘मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी से ही शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सकती है।’’
सीईओ ने बताया कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) प्रतिदिन अधिकतम 50 मतदाताओं के प्रपत्र संबंधित बीएलओ को जमा कर सकते हैं, हालांकि इसमें पांच श्रेणियों के मतदाता—अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहराव वाले और हस्ताक्षर से इनकार करने वाले—शामिल नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान बीएलए और बीएलओ द्वारा एकत्र किए गए प्रपत्रों का निर्धारित नियमों के अनुसार सत्यापन बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षक द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद उनका डिजिटलीकरण किया जाएगा।
कुमार ने बताया कि पूर्ववर्ती एसआईआर के दौरान किया गया ‘मैपिंग’ कार्य एक श्रेष्ठ दस्तावेज माना गया है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन मतदाताओं का ‘मैपिंग’ पूरा हो चुका है, उन्हें सामान्यतः किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। बीएलओ को घर-घर दौरे में अधिकतम मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करनी होगी।’’
उन्होंने बताया कि मसौदा मतदाता सूची 5 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी, जिसके बाद 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी।
दावे और आपत्तियों का निपटारा 5 अगस्त से 3 अक्टूबर के बीच किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
सीईओ ने कहा कि इस पुनरीक्षण अभियान की पूर्व तैयारी के तहत राज्य के 2.64 करोड़ मतदाताओं में से 82.08 प्रतिशत का 2003 की मतदाता सूची से पारिवारिक ‘मैपिंग’ पूरी की जा चुकी है।
भाषा अमित अविनाश
अविनाश

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