तिरुवनंतपुरम, 17 जनवरी (भाषा) सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी ब्यूरो (वीएसीबी) ने ‘ऑपरेशन शॉर्ट सर्किट’ के दौरान केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) में भ्रष्टाचार और व्यापक अनियमितताओं का पता लगाया है। यह अभियान अनियमितताओं को उजागर करने के लिए चलाया गया राज्यस्तरीय औचक निरीक्षण था। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
वीएसीबी ने एक बयान में कहा कि केरल राज्य विद्युत बोर्ड के ठेकों के आवंटन में अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के संबंध में प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ‘ऑपरेशन शॉर्ट सर्किट’ चलाया गया था।
इसी प्रकार, ब्यूरो को यह जानकारी मिली कि कुछ अधिकारी ठेकेदारों से कमीशन के रूप में रिश्वत ले रहे थे और कार्यों का उचित निरीक्षण किए बिना ही बिलों को मंजूरी दे रहे थे।
शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे से राज्य भर में चयनित 70 विद्युत अनुभाग कार्यालयों में निरीक्षण किया गया। वीएसीबी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में केएसईबी द्वारा निष्पादित संविदा कार्यों की जांच की गई।
वीएसीबी ने कहा, ‘‘निरीक्षण के दौरान सतर्कता विभाग ने पाया कि विभिन्न केएसईबी अनुभाग कार्यालयों में 41 अधिकारियों ने अलग-अलग ठेकेदारों से बैंक खातों के माध्यम से 16.50 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।’’
वीएसीबी के अनुसार, निरीक्षण से पता चला कि अधिकांश कार्यालयों में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना ही ठेके दिए गए थे।
वीएसीबी ने कहा, ‘‘निविदा प्रक्रिया से बचने के लिए कार्यों को जानबूझकर छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा गया और संविदा दर के माध्यम से पूरा किया गया। यह भी पाया गया कि एक ही ठेकेदार को वर्षों से कई कार्य दिए गए थे, ठेके पर लिये गए वाहनों के उपयोग में अनियमितताएं थीं और अधिकांश कार्यालयों में अनुबंध की फाइल का ठीक से रखरखाव नहीं किया गया था।’’
वीएसीबी ने कहा कि निरीक्षण के हिस्से के रूप में किए गए क्षेत्रीय सत्यापन से पता चला है कि अधिकांश कार्यों का निष्पादन अनुमोदित अनुमानों के अनुसार नहीं था।
सतर्कता निदेशक मनोज अब्राहम ने कहा कि वीएसीबी अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों से कमीशन के रूप में रिश्वत लेने, निविदा और कार्यों के निष्पादन में अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत और अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने के बजाय अनियमितताओं को छिपाने के मामलों को अत्यंत गंभीरता से देखती है।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अनुवर्ती निरीक्षण और जमीनी सत्यापन जारी रहेंगे, संदिग्ध मामलों में विस्तृत जांच की जाएगी और भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों, उनके परिवार के सदस्यों, ठेकेदारों और बिचौलियों के बैंक खाता विवरण एकत्र करके उनकी विस्तार से जांच की जाएगी।
बिजली मंत्री के. कृष्णनकुट्टी ने पत्रकारों को बताया कि वीएसीबी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले सभी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘वीएसीबी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट बोर्ड के अध्यक्ष को सौंपी जाएगी, जो कार्रवाई करने से पहले जांच करेंगे।’’
मंत्री ने कहा कि इस तरह की भ्रष्ट गतिविधियां पहले बोर्ड के संज्ञान में नहीं आई थीं। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि अब हम घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहे हैं।’’
भाषा शुभम सुरेश
सुरेश