राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने भाजपा को लेकर तेदेपा को आगाह किया
राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने भाजपा को लेकर तेदेपा को आगाह किया
नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी को सत्तारूढ़ दल के कथित अवसरवादी रवैये के बारे में आगाह किया और आरोप लगाया कि वह ‘उपयोग करो और छोड़ दो’ की नीति अपनाती है।
इस आरोप पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ‘हम मित्रता का सम्मान करते हैं। हम धोखा नहीं देते।’
इस विधेयक में दो जून, 2024 से अमरावती को औपचारिक रूप से आंध्र प्रदेश की राजधानी घोषित करने का प्रावधान है। विधेयक पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस सांसद मोहम्मद नदीमुल हक ने कहा कि उनकी पार्टी ने आंध्र प्रदेश के लोगों के अधिकारों की लड़ाई में तेदेपा का हमेशा समर्थन किया है।
तेदेपा के वर्तमान में भाजपा के साथ गठबंधन होने की ओर ध्यान दिलाते हुए हक ने कहा कि पार्टी को बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और एकनाथ शिंदे से जुड़े हालिया घटनाक्रमों से सबक लेना चाहिए।
हक ने कहा, “मैं उन्हें (तेदेपा को) ‘उपयोग करो और छोड़ दो’ नीति के प्रति सतर्क रहने की सलाह दूंगा,”
इस पर सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे पीठासीन अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने हक से आग्रह किया कि वह विषय से न भटकें और अपनी टिप्पणी विधेयक तक ही सीमित रखें।
इसी बीच, रीजीजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, “हमें वफादारी और दोस्ती का पाठ मत पढ़ाइए।”
एक पुरानी घटना को याद करते हुए रीजीजू ने कहा कि जब ममता बनर्जी लोकसभा में तृणमूल की एकमात्र सांसद थीं और सदन में कम्युनिस्ट पार्टी के सांसदों ने उन पर हमला किया था, तब भाजपा सदस्यों ने ही उनकी रक्षा की थी।
उन्होंने कहा, “हम दोस्ती का सम्मान करते हैं। हम धोखा नहीं देते”।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा में आने की खबरों का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए राष्ट्रीय जनता दल सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि एक राज्य के मुख्यमंत्री को यहां लाया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने तेदेपा सांसदों को सलाह दी कि जब तक वे सत्ता में हैं, उन्हें राज्य और उसकी नयी राजधानी के विकास के लिए केंद्र द्वारा दिए गए सभी कोष प्राप्त करने चाहिए।
सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा का गठबंधन बनाने और बाद में अपने सहयोगियों को धोखा देने का इतिहास रहा है।
सिंह ने कहा, ‘उन्होंने उस समय की मोरारजी सरकार को धोखा दिया था।’
आप सांसद ने कहा, ‘इसलिए मैं तेदेपा के अपने दोस्तों से बस इतना कहना चाहता हूं कि जब तक सत्ता आपके हाथ में है, अमरावती के विकास के लिए आवंटित सभी कोष ले लें और विकास कार्य करें।’
भाषा
माधव अविनाश
अविनाश

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