ओएसएम प्रभावित छात्र ने संसदीय समिति के समक्ष दी प्रस्तुति

ओएसएम प्रभावित छात्र ने संसदीय समिति के समक्ष दी प्रस्तुति

ओएसएम प्रभावित छात्र ने संसदीय समिति के समक्ष दी प्रस्तुति
Modified Date: June 2, 2026 / 07:23 pm IST
Published Date: June 2, 2026 7:23 pm IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) सीबीएसई की ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली से प्रभावित झारखंड के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने 12वीं कक्षा की परीक्षाओं से संबंधित कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को एक संसदीय समिति के समक्ष अपनी बात रखी।

सूत्रों ने बताया कि सार्थक ने ऑनलाइन मूल्यांकन की खातिर ‘वेंडर’ के चयन के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की निविदा प्रक्रिया में विसंगतियों का उल्लेख किया और बोर्ड के समक्ष कई सवाल उठाए।

उन्होंने कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति के समक्ष सात पन्नों में अपने बिंदुओं को रखा। समिति के सदस्यों ने सार्थक की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और सीबीएसई अधिकारियों से जवाब मांगा।

सार्थक ने सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव (स्कूल शिक्षा) संजय कुमार के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में समिति के समक्ष प्रस्तुति दी।

सीबीएसई ने समिति के सदस्यों को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं पर अपना पक्ष रखा गया था और सांसदों को आश्वासन दिया गया कि उसके पोर्टल से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और छात्रों के पास अब अपनी उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन की खातिर छह जून तक का समय है।

इस साल 12वीं कक्षा के परिणाम के बाद सत्यापन के दौरान गड़बड़ियों, मूल्यांकन में कथित विसंगतियों और अन्य चुनौतियों पर छात्रों की बढ़ती चिंताओं के बीच संसदीय समिति की बैठक आयोजित की गई थी।

सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली पर विवाद के बीच, समिति ने 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में इस प्रणाली के उपयोग के मुद्दे और इसके परिणामस्वरूप छात्रों को होने वाली समस्याओं पर चर्चा के लिए बोर्ड और स्कूल शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया था।

समिति ने शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ कक्षा 9 और 10 में त्रि-भाषा फॉर्मूला लागू करने पर भी चर्चा की।

समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में सार्थक की प्रस्तुति के बारे में जानकारी दी।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह सीबीएसई के जवाबों से संतुष्ट हैं, सिंह ने कहा, ‘‘यह समिति को तय करना है।’’

उन्होंने त्रि-भाषा फॉर्मूले के मुद्दे पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।’

भाषा हक हक अविनाश

अविनाश


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