सिक्किम में मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित, 37 हजार से ज्यादा नाम हटे

सिक्किम में मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित, 37 हजार से ज्यादा नाम हटे

सिक्किम में मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित, 37 हजार से ज्यादा नाम हटे
Modified Date: July 5, 2026 / 06:45 pm IST
Published Date: July 5, 2026 6:45 pm IST

गंगटोक, पांच जुलाई (भाषा) सिक्किम में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का गणना चरण पूरा होने के बाद रविवार को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 37,000 से अधिक नाम हटा दिये गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने बताया कि 20 मई तक राज्य में 4,71,018 पंजीकृत मतदाता मौजूद थे, जिनमें से 4,33,294 के गणना-प्रपत्र इकट्ठा करके उनकी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की गई है।

सिक्किम में एसआईआर प्रक्रिया के तहत गणना चरण 30 मई से 28 जून के बीच आयोजित किया गया था।

सीईओ कार्यालय ने बताया कि बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की ओर से घर-घर जाकर किए गए सत्यापन अभियान के दौरान सामने आया कि 37,724 लोगों की या तो मौत हो चुकी है या वे स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं या एक से अधिक जगह पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं या उनका पता नहीं लगाया जा सका है।

कार्यालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे मतदाताओं की अंतिम स्थिति का फैसला मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) की ओर से विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद ही किया जाएगा।

सीईओ ने कहा, “जनता की सक्रिय भागीदारी और निर्वाचन अधिकारियों तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से गणना चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।”

उन्होंने कहा, “संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी और किसी भी मतदाता का नाम उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना नहीं हटाया जाएगा, जिसमें नोटिस और ठोस वजहों वाला आदेश जारी किया जाना शामिल होगा। जिन नागरिकों के नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं, उन्हें “दावे और आपत्तियों” की अवधि के दौरान अपने नाम शामिल करवाने का मौका मिलेगा।”

सीईओ कार्यालय ने बताया कि मसौदा मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की सुविधा चार अगस्त तक उपलब्ध रहेगी, जिसके तहत पात्र मतदाता अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे या नाम हटाने के खिलाफ आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।

कार्यालय ने बताया कि जिन मतदाताओं की मौत हो चुकी है, जो दूसरी जगह चले गए हैं, जिनके नाम एक से अधिक जगह पर पंजीकृत हैं या जिनका पता नहीं लगाया जा पा रहा है, उनकी बूथ-वार सूची राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंट (बीएलए) के साथ साझा की गई है।

कार्यालय ने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन सूचियों को मसौदा मतदाता सूची के साथ ईआरओ कार्यालय में प्रदर्शित किया जाएगा और आधिकारिक वेबसाइट पर भी डाला जाएगा।

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश


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